बहादुरगढ़ में इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष नफेसिंह राठी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। यहां हत्याकांड के आरोपी ने खुद की ही जान का खतरा बताया है। साथ ही कहा कि उस पर लगाए आरोप भी गलत है। बड़ी बात यह भी है कि मामले में नामजद जिन आरोपियों को पुलिस फरार बता रही है, उसी आरोपी ने पुलिस की नाक के नीचे सरेआम प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
आज नरेश कौशिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को गलत बताया। पूर्व विधायक ने कहा कि मेरा इस हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है। ये घटना निंदनीय है। दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सीबीआई जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। बोले मेरा नाम गलत तरीके से लिया गया है।
मुझे भी इस माहौल में खतरा है। पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। आज नरेश कौशिक ने आगे कहा कि दो बजे एक कार्यक्रम में उनसे मुलाकात हुई थी। उनसे राम-राम हुई थी। मैं तो उसी दिन से घर पर ही हूं। घटनाक्रम को लेकर मुझे भी दुख है। मगर मेरा नाम गलत जोड़ा गया है।
बता दें हरियाणा में इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी के काफिले पर रविवार को कार सवार बदमाशों ने गोलीबारी की थी। उन पर वह हमला तब हुआ जब राठी बराही गांव से बहादुरगढ़ आ रहे थे। इस घटना में प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी और जय किशन दलाल का निधन हो गया है। जबकि दो लोग अभी भी घायल हुए थे।
बुधवार को इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला बहादुरगढ़ पहुंचे। यहां वे इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी के निधन पर शोक जताने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार लुटेरों का गिरोह है। इस सरकार को लोगों से कोई प्यार नहीं है। साथ ही कहा कि सरकार और प्रशासन की नालायकी से नफे सिंह की हत्या हुई है।
नफे सिंह राठी गरीब हितैषी थे। उनका किसी से व्यक्तिगत और राजनीतिक द्वेष नहीं था। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत और बहादुरगढ़ में कुछ आपराधिक तत्व के लोग है, जोकि पैसे लेकर हर किस्म की दुर्घटना कर सकते है। नफे सिंह राठी की हत्या से उनकी पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई होना मुश्किल है।

