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सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों की अब होगी पहचान, कूड़ा बिन्दुओ सीसीटीवी व शीला बाईपास पर लगाया शीशा:-नरेन्द्र कुमार, आयुक्त, नगर निगम, रोहतक।


नगर निगम, रोहतक द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से निरंतर जनहितकारी एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने, गंदगी फैलाने एवं खुले में मूत्रत्याग जैसी अस्वच्छ गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीक एवं व्यवहार परिवर्तन आधारित उपायों को अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम द्वारा कुछ कूड़ा बिन्दुओ पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा शीला बाईपास के नीचे सामाजिक जागरूकता आधारित एक अनूठे प्रयोग की शुरुआत की गई है।
निगम आयुक्त नरेन्द्र कुमार ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर के ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां बार-बार सफाई किए जाने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कूड़ा फेंका जाता है, जिसके कारण गंदगी फैलने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का वातावरण भी दूषित होता है। ऐसे बिन्दुओ पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है, प्रथम चरण में शहर के महत्वपूर्ण स्थान डी-पार्क, राज सिनेमा, शीला बाईपास चौक पर कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं तथा आगामी दिनों में अन्य चिन्हित स्थलों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा जिनमें केन्द्रीय विद्यालय के पास वाला बिन्दु भी मुख्य होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कैमरा स्थल पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं कि उक्त क्षेत्र सीसीटीवी निगरानी में है तथा सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा फेंकने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार चालान किए जायेंगें तथा साथ ही उनकी विडियों को भी नगर निगम द्वारा दिल्ली बाईपास और मेडिकल मोड़ पर लगवाई गई LED स्क्रीन पर चलाया जायेगा ताकि रोहतक शहर को गंदा करने वालो को सभी देखे सकें। इसका मुख्य उद्देश्य कार्रवाई के साथ-साथ लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
निगम आयुक्त नरेन्द्र कुमार ने कहा कि नगर निगम द्वारा सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से शीला बाईपास पुल के नीचे एक सोशल एक्सपेरिमेंट भी किया गया है। वहां पर नगर निगम द्वारा आकर्षक चित्रकारी करवाई गई थी, जिससे क्षेत्र की सुंदरता में वृद्धि हुई थी। किंतु कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दीवार के समीप खुले में मूत्रत्याग किया जाता है व अवैध पोस्टर/बैनर भी लगाये जाते है, जिस कारण न केवल दीवारों की सुंदरता खराब हो रही थी, बल्कि वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों को भी दुर्गंध और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए दीवार के साथ शीशा (मिरर) लगाया गया है। इस सामाजिक प्रयोग का उद्देश्य लोगों में आत्म-जागरूकता पैदा करना है, क्योंकि मनोवैज्ञानिक रूप से यह देखा गया है कि व्यक्ति स्वयं को देखे जाने अथवा स्वयं की छवि को देखकर सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियां करने से बचता है। हमें विश्वास है कि यह प्रयोग खुले में मूत्रत्याग की समस्या को रोकने में प्रभावी साबित होगा तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता एवं सुंदरता बनाए रखने में सहायक होगा।
उन्होने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि शहर में स्वच्छता के प्रति एक जनआंदोलन खड़ा करना है। आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी, जनसहभागिता एवं व्यवहार परिवर्तन आधारित उपायों के माध्यम से रोहतक को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
शहरवासियों से अपील भी अपील है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालें, खुले में मूत्रत्याग जैसी अस्वच्छ गतिविधियों से बचें, नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सफाई सेवाओं का उपयोग करें तथा स्वच्छता बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें। अन्यथा यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार चालान की कार्रवाई के साथ-साथ सम्बन्धित की विडियो को भी LED स्क्रीन पर चलाया जायेगा जिसके लिए सम्बन्धित स्वयं जिम्मेदार होगा।

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