अधिकतर कंपनियां दिवाली (Diwali 2025) पर कर्मचारियों को मिठाई के डिब्बे, शॉपिंग कूपन, कैश या छोटे-मोटे गिफ्ट आइटम देती हैं। मगर चंडीगढ़ की एक फार्मा कंपनी के ओनर ने दिवाली से पहले अपने कर्मचारियों को 51 लग्जरी कारें गिफ्ट की हैं। इससे इंटरनेट पर लोग हैरान रह गए, पर ओनर की जमकर तारीफ भी हो रही है।
इस मोमेंट के पीछे MITS ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमके भाटिया हैं, जिन्होंने कंपनी के ग्रैंड दिवाली सेलिब्रेशन के दौरान खुद नई स्कॉर्पियो SUV की चाबियां अपने कर्मचारियों की दीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपने सबसे अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को एप्रिसिएशन के तौर पर SUV बतौर दिवाली गिफ्ट दी हैं। MITS ग्रुप के चंडीगढ़ सेंटर में हुए दिवाली इवेंट में कर्मचारियों ने न सिर्फ त्योहार मनाया, बल्कि अपने बॉस की बहुत ज्यादा दरियादिली भी मनाई।
खास बात यह है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब भाटिया ने अपने स्टाफ के लिए कुछ खास किया है। पिछले सालों में भी, उन्होंने दिवाली पर कई गाड़ियां गिफ्ट की हैं, जिससे यह कंपनी के अंदर एक परंपरा बन गई है।
भाटिया का अपना सफर इस काम को और भी खास बनाता है। MITS ग्रुप के फाउंडर को 2002 में एक बार बैंकरप्सी का सामना करना पड़ा था, जब उनके मेडिकल स्टोर को भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने साल 2015 में MITS लॉन्च करके अपनी जिंदगी और करियर को फिर से बनाया।
आज भाटिया MITS ग्रुप के तहत 12 कंपनियों के हेड हैं और भारत और विदेश में अपना बिजनेस बढ़ा रहे हैं। हरियाणा के पंचकूला जिले में मौजूद उनकी कंपनी के पास पहले से ही कनाडा, लंदन और दुबई में लाइसेंस हैं। 2023 में, भाटिया ने पाँच नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति की और ग्रुप के विस्तार को लीड करने के लिए शिल्पा चंदेल को CEO बनाया।
यह लगातार तीसरी दिवाली है जब भाटिया ने अपने साथ काम करने वालों को महंगे तोहफे दिए हैं। भाटिया ने LinkedIn पर इस बारे में जानकारी शेयर की और लिखा कि पिछले दो सालों से, हम अपनी शानदार टीम का जश्न अपने सबसे मेहनती परफॉर्मर्स को कार गिफ्ट करके मनाते आ रहे हैं — और इस साल भी यह जश्न जारी है!
भाटिया ने बताया कि वह अपने कर्मचारियों को “रॉकस्टार सेलिब्रिटी” मानते हैं, और कहा कि यह दिवाली “बहुत खास होने वाली है”। भाटिया ने यह भी कहा कि उन्होंने कर्मचारियों को इतने महंगे तोहफे देने का फैसला क्यों किया। उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ स्टाफ ही नहीं, बल्कि उनके पूरे बिजनेस की “रीढ़ की हड्डी” हैं।
