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रोहतक के प्राइवेट अस्पतालों में नहीं होगा आयुष्मान से इलाज:आईएमए आज रात से सेवाएं करेगी बंद, सरकार में 500 करोड़ रुपए बकाया

रोहतक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से आयुष्मान योजना के तहत आज रात 12 बजे से सेवाओं को बंद करने की घोषणा कर दी है। आईएमए का कहना है कि प्रदेशभर के 650 निजी अस्पतालों का 500 करोड़ रुपए से अधिक बकाया सरकार पर है। जब तक सरकार उनकी बकाया राशि जारी नहीं करती, तब तक निजी अस्पताल योजना के तहत इलाज नहीं करेंगे।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पैटर्न डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि 28 जुलाई को आईएमए ने सरकार को नोटिस दिया था कि अगर 7 अगस्त तक उनकी बकाया राशि जारी नहीं की तो प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करेंगे। सरकार की तरफ से अभी तक उनकी बकाया राशि को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है, जिसके कारण उन्हें सेवाएं बंद करने पर विवश होना पड़ रहा है।

डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि सरकार ने आईएमए से वादा किया था कि आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने पर अस्पताल की पेमेंट 15 से 20 दिन के अंदर जारी की जाएगी। लेकिन 3 से 4 माह तक पेमेंट नहीं जारी होती। पिछली बार हड़ताल का नोटिस दिया था, तब सरकार ने मार्च तक की पेमेंट जारी की थी।

डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि अप्रैल से लेकर अब तक प्रदेशभर के 650 निजी अस्पतालों का 500 करोड़ रुपया सरकार के पास बकाया है। सरकार ने आश्वासन दिया कि 300 करोड़ का बजट आया है, जिसे वह जारी करेंगे। लेकिन कब जारी करेंगे, यह नहीं पता। यह बजट जारी होने के बाद भी 200 करोड़ रुपए बकाया रह जाएगा, उसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है।

डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि रात 12 बजे के बाद से आयुष्मान योजना के तहत इलाज प्राइवेट हॉस्पिटलों में बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान अगर कोई मरीज उनके पास आता है तो उसे प्राथमिक उपचार देकर सरकारी अस्पताल में भेजने की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए प्राइवेट हॉस्पिटल एम्बुलेंस भी उपलब्ध करवा देंगे।

आईएमए की जिला अध्यक्ष डॉ. आरती साहू ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत 2018 से लेकर अब तक रेट रिवाइज नहीं किए गए, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। दवाइयां भी महंगी होती जा रही हैं, स्टाफ की सैलरी भी बढ़ती है। ऐसे में सरकार को योजना के तहत रेट भी महंगाई के हिसाब से रिवाइज करने चाहिए।

डॉ. आरती साहू ने कहा कि सरकार ने कॉमन सर्जरी को आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया है, जिसमें बच्चेदानी का इलाज, मोतियाबिंद का इलाज व पथरी का इलाज शामिल है। सरकार ने इन बीमारियों का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में बैन कर दिया है, जो गलत है। सरकार आश्वासन दे कि भविष्य में इस प्रकार से कॉमन बीमारियों के इलाज को आयुष्मान से बाहर नहीं किया जाएगा

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