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यूट्यूबर को ‘पाकिस्तानी’ पड़ गया भारी…युवक पहुंच गया जेलअब जाट नेता हवा सिंह सांगवान के बयान से बढ़ा दिया विवाद

हरियाणा के हिसार में एक पंजाबी यूट्यूबर को फोन पर ‘पाकिस्तानी’ और ‘रिफ्यूजी’ कहने का मामला अब बड़ा सामाजिक और राजनीतिक विवाद बन गया है। इस मामले में पुलिस ने हिसार के सुंडावास गांव निवासी किसान सुनील को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी किसान यूट्यूबर के कुछ कंटेंट से नाराज था। इसी नाराजगी में उसने फोन कर पंजाबी यूट्यूबर विपिन खुराना को कथित तौर पर अपमानजनक शब्द कहे और धमकी भी दी। घटना के बाद पंजाबी समाज यूट्यूबर के समर्थन में एकजुट हो गया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

2 जून को आई थी धमकी भरी कॉल

हिसार के मेहता नगर निवासी विपिन खुराना के अनुसार, 2 जून को सुबह करीब 11:29 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें गालियां दीं और ‘रिफ्यूजी’ तथा ‘पाकिस्तानी’ कहकर संबोधित किया। विरोध करने पर कथित तौर पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

शिकायत के आधार पर एचटीएम थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जेल भेजे जाने पर भड़के हवा सिंह सांगवान

आरोपी की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी को ‘पाकिस्तानी मूल’ या ‘शरणार्थी’ कहना गलत नहीं है और इस मुद्दे पर कई विवादित टिप्पणियां भी कीं।

सांगवान ने कहा कि विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आए लोगों को पहले शरणार्थी कहा जाता था और उन्होंने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए अपने बयान का बचाव किया। साथ ही उन्होंने पंजाबी समुदाय और विभाजन से जुड़े मुद्दों पर भी तीखी टिप्पणियां कीं, जिससे विवाद और गहरा गया है।

पुराना विवाद भी आया चर्चा में

यह पहला मौका नहीं है जब हवा सिंह सांगवान ने ऐसा बयान दिया हो। करीब 10 साल पहले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी ‘पाकिस्तानी मूल का’ बताया था। उस समय उनके बयान पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था।

तब मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में कहा था कि विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि देश के लिए सब कुछ छोड़कर आए लोगों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और समाज को बांटने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए।

मामले ने पकड़ा सामाजिक रंग

यूट्यूबर को धमकी देने के मामले से शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक और सामुदायिक बहस का रूप ले चुका है। एक ओर पुलिस की कार्रवाई को कानून व्यवस्था के तहत उचित बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हवा सिंह सांगवान के बयानों ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न समुदायों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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