Panipat: जिले के इसराना के गांव चमराड़ा में दिल्ली पुलिस के एक हवलदार द्वारा अपने साथी के साथ मिलकर गांव के ही एक युवक का अपहरण कर उसे एक ढाबे पर ले जाकर लाठी-डंडों से पीटने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी उस युवक को अधमरी हालत में वहीं फेंक कर फरार हो गए। ढाबा संचालक ने इसकी सूचना घायल के परिजनों को दी।
सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे व घायल को सिविल अस्पताल ले गए, जहां से उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इस समय वह उपचाराधीन है। घायल की मां के बयानों के आधार पर आरोपी हवलदार समेत उसके साथी के खिलाफ IPC की धारा 323, 365, 506, 34 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
इसराना थाना पुलिस को दी शिकायत में ओमपति देवी ने बताया कि वह गांव चमराड़ा की रहने वाली है। 5 जून को उसका बेटा धर्मेन्द्र (38) घर पर ही था। रात करीब 12 बजे घर के बाहर एक काली स्कॉर्पियो कार आकर रूकी, जिसमें जयवीर व अजय निवासी चमराड़ा थे। अजय दिल्ली पुलिस में हवलदार है, जिसकी फिलहाल ड्यूटी पार्लियामेंट में है। उक्त दोनों घर के भीतर आए और धर्मेंद्र को उनके साथ चलने को कहने लगे।
धर्मेंद्र ने मना भी किया और कहा कि वह इस समय कही नहीं जाएगा। इस पर सिपाही अजय ने कहा कि कहीं जरूरी काम के लिए जाना है। जब मैं लेने आया हूं तो मेरी जिम्मेदारी पर चल। किसी तरह जबरदस्ती करके वे धर्मेंद्र को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए। रात करीब 2:30 बजे समालखा बालाजी ढाबा से धर्मेंद्र के फोन से परिजनों के पास कॉल आई। जिसने बताया कि धर्मेंद्र के दोनों साथियों ने इसको बुरी तरह पीट रखा है।
दोनों ने ताबड़तोड़ लाठी-डंडो से इस पर हमला किया है। अब यह चलने फिरने की हालत में नहीं है, आकर इसे संभाल लो। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत वहां पहुंचे और देखा कि धर्मेंद्र की हालत बहुत खराब थी। परिजन उसे पानीपत सिविल अस्पताल में ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे खानपुर रेफर कर दिया गया। धर्मेंद्र खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।

