अंबाला/फरीदाबाद। श्रम विभाग में महिला उत्पीड़न की शिकायत में जांच कमेटी द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए एक वेलफेयर अधिकारी की तैनाती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। श्रम मंत्री अनिल विज के निर्देश के बाद अधिकारी का फरीदाबाद से तबादला किया गया था, लेकिन अब श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन के आदेश पर उसे दोबारा फरीदाबाद में तैनात कर दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला कर्मचारी की शिकायत की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। जांच के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। श्रम मंत्री अनिल विज के आदेश के बाद वेलफेयर कमिश्नर दुसमंता कुमार बेहेरा ने अधिकारी का तबादला पहले फरीदाबाद से मुख्यालय और बाद में पानीपत कर दिया था।
इसके बाद श्रम कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने अधिकारी को दोबारा फरीदाबाद में तैनात करने के आदेश जारी कर दिए।कमिश्नर और चेयरमैन के अलग-अलग आदेशों के कारण विभागीय स्तर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले में शिकायतकर्ता महिला को लेकर भी विवाद सामने आया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता पर ही विभागीय स्तर पर शिकंजा कसा जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा एफआईआर सहित कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अधिकारी की दोबारा फरीदाबाद में तैनाती का मामला अब फिर श्रम मंत्री अनिल विज तक पहुंच गया है।
