
रोहतक, 26 अगस्त : वल्र्ड जूनियर कुश्ती में स्वर्ण पदक लेके विश्व विजेता बनी तपस्या गहलावत आज मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेंन्द्र फौगाट से आशीर्वाद लेने उनके कैम्प कार्यालय पहुंची। यहां फौगाट ने उसे स्मृति चिन्ह व उपहार देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर उसके साथ खाप के राष्ट्रीय सचिव अशोक मलिक, तपस्या के पिता परमेश, हरियाणा गौ सेवा आयोग के जयवीर आर्य, डीपीआरओ संजीव सैनी, सीएम अवार्डी अमित दहिया समेत अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे। इस मौके पर बोलते हुए गजेंन्द्र फौगाट ने कहा कि खेलों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नायब सरकार द्वारा लागू की गई नायाब खेल नीति कारगर साबित हुई है। इस कड़ी में हजारों बच्चों को ग्रामीण स्तर पर उनके ही गांव में सैंकड़ों खेल नर्सरी, कोच व डाइट की सुविधा देकर उन्हें बचपन से ही अपनी खेल प्रतिभा को तराशने का मौका देना मील का पत्थर साबित होगा।
गजेंद्र फौगाट ने प्रदेश सरकार की सराहना करते कहा कि ओलंपिक विजेता को 6 करोड़, 4 करोड़ व ढाई करोड़ इनाम देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इसके अलावा सिर्फ ओलंपिक में चयनित होने पर 15 लाख परिप्रेट्री राशि देने वाली पहली सरकार नायब सरकार है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ये योजना चलाई थी, जिसे नायब सरकार ने बखूबी अनवरत जारी रखा है। आने वाले समय में ये प्रोत्साहन खिलाडिय़ों के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी नशा छोड़ खेल के लिए कर रहे प्रेरित :-
फौगाट ने आगे कहा कि खेल जगत में हरियाणा नई ऊर्जा का संचार कर रहा है, जिसके दम पर भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक दमखम से अपनी पहचान बनाएगा। आज मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ दिन रात जिले-जिले जाकर युवाओं को नशे से दूर रहने को प्रेरित कर रहे हैं। अभी फतेहाबाद व कुरुक्षेत्र में भी मैराथन का आयोजन किया गया है। तपस्या के पिता परमेश भी कुश्ती के खिलाड़ी रहे हैं। मां प्राध्यापिका हैं और तपस्या को डॉक्टर बनाना चाहती थी पर तपस्या ने खेल की राह चुनी व कड़ी मशक्कत से वर्ल्ड चैंपियन बनी है ।
