Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

बेटे ने मां और बहन को पीटा…दोनों को घर से निकाला


हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के समीप स्थित निवाज नगर से पारिवारिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर अपनी ही मां और बहन के साथ बेरहमी से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने मामले को और तूल दे दिया है।

घायल मां राजबाला और उनकी बेटी रवीना को उपचार के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों का इलाज जारी है।


नोटिस पढ़ते ही घर में घुसे आरोपी

पीड़िता रवीना के अनुसार, वह अपने घर पर भाई द्वारा भेजे गए चार-पांच नोटिस पढ़ रही थी। इसी दौरान शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उसका भाई कृष्ण कुमार अपने ससुराल पक्ष के करीब छह लोगों के साथ जबरन घर में घुस आया।

आरोप है कि उसके साथ उसकी पत्नी अक्षिता, साली, साढ़ू समेत अन्य लोग भी थे, जो अंदर आते ही वीडियो बनाने लगे।


कमरे में बंद कर की पिटाई

रवीना का आरोप है कि आरोपियों ने सबसे पहले उनका मोबाइल फोन छीन लिया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। इसके बाद उन्हें कमरे में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया और बाहर निकलने नहीं दिया गया। बाद में मां-बेटी दोनों को घर से बाहर निकाल दिया गया।


मां को अधूरे कपड़ों में घसीटा

मां राजबाला ने बताया कि घटना के समय वह स्नान कर रही थीं। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि उनकी बेटी को दबोचकर रखा गया है। जब उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और बाल पकड़कर घसीटते हुए अधूरे कपड़ों में ही घर से बाहर निकाल दिया।

उन्होंने बताया कि बाद में पड़ोस से साड़ी लेकर खुद को ढका। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान उनके गहने और अन्य सामान भी छीन लिए गए।


पहले भी हो चुकी है मारपीट

राजबाला का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। आरोपी बेटा पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट कर चुका है और उन्हें घर से निकालने का दबाव बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले गुरुग्राम में भी उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से बेदखल किया गया था।

यह भी आरोप है कि आरोपी ने अपने पिता के साथ भी मारपीट कर उन्हें घर से बाहर कर दिया था।


पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद पीड़ित मां-बेटी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ितों ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

Exit mobile version