Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

परिवार के इकलौते बेटे की नाले में गिरकर डूबने से मौत, तीसरी कक्षा में पढ़ता था कुणाल

  फरीदाबाद में एयरफोर्स मोड़ पर शनिवार को परिवार के इकलौते बेटे की नाले में डूबने की वजह से मौत हो गई। 11 साल के बच्चे को लोगों ने बचाने का अथक प्रयास किया, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गया। रात करीब 10 बजे 11 साल का किशोर एयरफोर्स रोड के पास 15 फुट के गहरे नाले में गिर गया। निगम ने नाले का ढका नहीं था।

मृतक की पहचान मूलरूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 11 वर्षीय कुणाल के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता के साथ एयरफोर्स रोड स्थित एक किराए के मकान में रहता था। हादसे के दौरान वह खाने-पीने का कुछ सामान खरीदने घर से निकला था। स्थानीय लोग नगर निगम व पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हादसे के तुरंत बाद एयरफोस रोड व बीके चौक पर जाम लगा दिए। उनका यह प्रदर्शन रविवार शाम तक जारी रहा। इससे लोगों अन्य लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  

स्थानीय लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस अगर समय से पहुंचती तो किशोर को बचाया जा सकता था। हादसे के काफी देर बाद पुलिस व दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची। मौके पर पहुंचने के बावजूद पुलिस कुणाल को बचाने की जहमत नहीं उठाया। वह बस मूकदर्शक बनी रही। स्थानीय लोग खुद नाले में कूदकर हादसे के करीब दो घंटे बाद किशोर को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर निगम की लापरवाही से किशोर की जान गई है। निगम द्वारा नाले को ढ़का नहीं गया है, इसके चलते किशोर हादसे का शिकार हुआ है।

मृतक  के पिता अर्जुन सिंह ने बताया कि कुणाल शनिवार रात करीब 10 बजे कुछ सामान लेने के लिए घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद तक जब वह वापस नहीं लौटा तो उसकी मां उसे ढूढऩे घर से बाहर एयरफोर्स मोड़ पर पहुंची। वहां लोगों की भीड़ लगी थी। जैसे ही वह वहां पहुंची तो स्थानीय लोगों ने उसके बेटे को नाले में गिरने की बात बताई। लोगों ने बताया कि उसके बेटे कुणाल जैसे ही नाला में गिरा, एक व्यक्ति उसका हाथ पकडऩे के लिए दौड़ा, लेकिन उसे डूबने से बचा नहीं सका। तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस दमकल की गाड़ी को बुलाया। लेकिन पुलिस भी कुणाल को बचाने में विफल रही। इसके बाद स्थानीय लोग नाले में उतरे, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब 12 बजे कुणाल को नाले से ढूढ़ कर बाहर निकाला गया। उसे तुरंत बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से लोगों ने नगर निगम व पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिए। 

पिता अर्जुन सिंह ने बताया कि वह ट्रक चलाते हैं। तीन दिन पहले ट्रक लेकर उत्तर प्रदेश के रामपुर पहुंचे थे। शनिवार रात वह कंपनी में थेजहां मोबाइल फोन पर बात करने की अनुमति नहीं है। रात करीब एक बजे उन्होंने मोबाइल  पर घर के नंबर से आए कॉल को देखा। तुरंत फोन मिलाया तो परिवार वालों ने घटना की जानकारी दी। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। वह आनन-फानन में वहां से फरीदाबाद की ओर चले। रविवार सुबह वह रामपुर से फरीदाबाद पहुंचे। 

अर्जुन सिंह ने बताया कि उन्हें दो बेटी व एक बेटा था। कुणाल तीनों भाई-बहन में सबसे छोटा था। कुणाल से बड़ी 13-14 वर्षीय दिप्ती व शानिया है। दोनों आठवीं व नौंवी में पढ़ती है। कुणाल पास स्थित एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। वह एयरफोर्स मोड़ पर एक मकान में किराए पर सालों से रह रहे हैं। कुणाल पढऩे में बढ़ा होशियार था।

Exit mobile version