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सिंदूर लगाते समय की गई  गलती पति पर पड़ सकती है भारी, हर सुहागन महिला ध्यान में रखे ये नियम

हर तीज-त्योहार पर शादीशुदा महिलाओं को श्रृंगार करने के लिए कहा जाता है। बात जब नवरात्रि के पावन पर्व की हो तो इसका महत्तव और भी बढ़ जाता है। शास्त्रों के अनुसार सोलह श्रृंगार करके ही माता की पूजा करनी चाहिए। इससे मां दुर्गा खुश होती हैं और आप पर अपनी कृपा बरसाती हैं। आज इस लेख में हम आपको सिंदूर से जुड़े कुछ वास्तु उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी जानकारी हर सुहागन को जरूर होनी चाहिए।

हिंदू विवाह समारोहों में सिंदूर लगाने की रस्म सबसे महत्वपूर्ण रीति-रिवाजों में से एक होती है और शादी के बाद भी सिंदूर लगाने के नियम होते हैं जिसे हर एक सुहागिन स्त्री ध्यान में रखती है। सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है इसलिए महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के साथ मांग में सिंदूर लगाती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती अपने पति शिवजी को बुरी नजर से बचने के लिए सिंदूर लगाती थी। माता सीता भी भगवान राम की लंबी उम्र के लिए सिंदूर लगाती थीं।

सिंदूर का रंग मुख्य रूप से लाल होता है जिसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यह प्राचीन काल से ही मस्तक के ऐसे बिंदु पर लगाया जाता था, जो अधिकांश शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करता है। आमतौर पर स्त्रियां अपनी मांग के बीचों-बीच सिंदूर लगाती हैं। शरीर विज्ञान के अनुसार यह स्थान ब्रह्म रंध्र और अध्मि नामक मर्मस्थान के ठीक उपर होता है। ऐसा माना जाता है कि सुहागिन स्त्रियों को किसी भी पूजा पाठ में और शुभ अवसरों पर मांग में सिंदूर अवश्य लगाना चाहिए। 

वास्तु और सिंदूर का महत्व

लंबा सिंदूर 

शास्त्रों के अनुसार, जो महिलाएं मांग में लंबा सिंदूर लगाती है उनके पति को खूब मान-सम्मान मिलता है।इसलिए ज्यादातर महिलाएं मांग भरकर सिंदूर लगाती हैं। 

गीले बालों में ना लगाएं सिंदूर 

वास्तु शास्त्रों के मुताबिक नहाने और बाल धोने के तुरंत बाद सिंदूर नहीं लगना चाहिए। ऐसा करने से वक्त मन में दुविधाएं और बुरे विचार पनपने लगते हैं। 

उधार ना लें सिंदूर

कभी भी किसी दूसरी महिला के सिंदूर से भूलकर भी अपनी मांग न भरें। इससे पति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं अपना सिंदूर भी किसी और को नहीं देना चाहिए। 

गिरा हुआ सिंदूर ना करें इस्तेमाल

कई बार महिलाएं जमीन पर गिरे हुए सिंदूर को डिब्बी में भरकर इस्तेमाल कर लेती हैं, लेकिन ऐसा करना अपशगुन होता हैं। सिंदूर अगर जमीन पर गिर जाए तो वो अपवित्र हो जाता हैं। इसे दोबारा इस्तेमाल  नहीं करना चाहिए।

हमेशा संभालकर रखें सिंदूर

नवविवाहित महिलाएं इस बात का खास ख्याल रखे की जो सिंदूर उन्हें शादी के समय मिला है उसी को कुछ दिनों तक लगाएं और उस सिंदूर को संभाल कर रखें।

ना छिपाएं सिंदूर

कई महिलाएं सिंदूर बालों में छिपा लेती हैं ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसे करने से वैवाहिक रिश्तों पर असर पड़ता है। शास्त्रों केअनुसार मांग में  सिंदूर ना दिखाई देने पर पति को मान-सम्मान भी नहीं मिलता।

सिंदूर का संबंध सिर्फ पौराणिक कथाओं, या वास्तु से ही नहीं है बल्कि सेहत से भी सिंदूर का गहरा क्नैक्शन है। दरअसल, महिलाएं जहां सिंदूर लगाती हैं वो ‘ब्रह्मरंध्र’ और ‘अध्मि’ नामक कोमल स्थान के ठीक ऊपर होता है। सिंदूर में मौजूद तत्व इस स्थान से शरीर में मौजूद वैद्युतिक ऊर्जा को नियंत्रित करती है। इससे ब्लड प्रैशर कंट्रोल, तनाव अनिद्रा दूर भाग जाती हैं। यही नहीं, यह चेहरे पर झुर्रियां भी नहीं पड़ने देता।
 

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