गुरुवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थिति बरगी डैम में एक हादसा हो गया। हादसे के बाद अभी राहत और बचाव कार्य चल रहा है। शुक्रवार को इस हादसे की एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हुई। इस वायरल तस्वीर को देखकर हर कोई रो दिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मां और बेटे का एक दूसरे से लिपटे हुए शव की मार्मिक तस्वीर सामने आई। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि यह तस्वीर बरगी हादसे की नहीं है। एआई से बनाई हो सकती है या किसी और घटना की हो सकती है।
सोशल मीडिया में जो तस्वीर वायरल हुई उसमें एक महिला की लाश दिखाई दे रही है। वह अपने सीने से मासूम बेटे को चिपकाए थी। पानी के बहाव के बीच मां ने अपने बेटे का साथ नहीं छोड़ा। मां लाइफ जैकेट पहनी थी लेकिन बेटा ऐसे ही था। कहा जा रहा है कि रेस्क्यू टीम ने जब दोनों का शव निकाला दो वहां चीख पुकार मच गई। हर आंखें नम थी। वायरल फोटो में दिखने वाली महिला का नाम मरिना मैसी और बेटे का नाम त्रिशान बताया गया। मृत बेटे की उम्र चार साल बताई गई। कहा गया कि दोनों दिल्ली से यहां घूमने आए थे।
जबलपुर जिला प्रशासन की तरफ से यह बताया गया है कि इस तस्वीर का बरगी डैम हादसे से कोई संबंध नहीं है। जबलपुर कलेक्टर के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस फोटो को शेयर किया गया गया। जिसमें लिखा है- यह फोटो एआई जनरेटेड है या अन्य किसी स्त्रोत की है। बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबन्ध नहीं है।
प्रशासन ने भले की सोशल मीडिया में वायरल तस्वीर को फेक बताया है। लेकिन क्रूज हादसे में मां और बेटे की लाश मिली है। मरिना मैसी और बेटे का नाम त्रिशान की इस हादसे में मौत हो गई है। जबकि हादसे में मृतक महिला के पति प्रदीप और बेटी की जान बच गई है। मां-बेटे के शव को बरामद कर लिया गया है। हालांकि ये शव सोशल मीडिया में वायरल तस्वीर की तरह एक दूसरे से लिपटे हुए नहीं थे। मां बेटे का शव जब रेस्क्यू के दौरान बाहर आया तो वहां मौजूद परिजनों की चीख निकल गई।
बारगी डैम हादसे में अभी तक 9 शवों को बाहर निकाला गया है। प्रशासन के अनुसार, क्रूज पर 43 लोग सवार थे। इनमें 28 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं, बचे हुए छह लोगों की तलाश जारी है।
क्रूज हादसे में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
