Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

विनेश फोगाट मामले में हाईकोर्ट सख्त…WFI को लगाई फटकारकोर्ट बोला – विनेश के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?


भारतीय महिला पहलवान और हरियाणा की जुलाना सीट से विधायक Vinesh Phogat को घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और किसी खिलाड़ी के साथ “बदले की भावना” से व्यवहार नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से कहा कि विनेश फोगाट के मामले का मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही विनेश को आगामी एशियाई खेलों के ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिलना चाहिए।

अदालत ने सवाल उठाया कि जब पहले कई नामी खिलाड़ियों को नियमों में छूट दी जाती रही है, तो फिर विनेश फोगाट के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि अगर मशहूर खिलाड़ियों को पहले राहत दी गई है तो विनेश के मामले में इतनी सख्ती क्यों दिखाई जा रही है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों का हवाला देते हुए विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का कहना था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को छह महीने पहले सूचना देनी होती है, लेकिन विनेश ने ऐसा नहीं किया।

WFI ने अपने आदेश में कहा था कि विनेश ने यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW), WFI संविधान और एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं और चयन ट्रायल से बाहर कर दिया गया।

इसके खिलाफ विनेश फोगाट दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं और 18 मई को सिंगल बेंच द्वारा राहत न दिए जाने के फैसले को चुनौती दी। वह 30 और 31 मई को होने वाले एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा लेना चाहती हैं।

कोर्ट में विनेश के वकील ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान विनेश के वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि वह जुलाई 2025 में मां बनी थीं और अब पूरी मेहनत के साथ रेसलिंग मैट पर वापसी की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी महिला खिलाड़ी के लिए मातृत्व को “करियर खत्म होने” की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।

वकील ने कोर्ट में कहा—
“वह इंटरनेशनल फेम रेसलर हैं। पहले कई खिलाड़ियों को छूट दी गई, फिर अब इनके लिए अलग नियम क्यों?”

उन्होंने यह भी कहा कि विवाद चाहे जो भी हो, उसका नुकसान खेल और खिलाड़ियों को नहीं होना चाहिए। मातृत्व किसी महिला खिलाड़ी के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने WFI पर जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने WFI के कारण बताओ नोटिस पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट की अयोग्यता “राष्ट्रीय शर्म” थी। कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि क्या उनके लिए चयन मानदंड बदले गए थे?

कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नियमों की व्याख्या अलग तरीके से की जा रही है। अदालत ने खेल संघों को निष्पक्ष रवैया अपनाने की सलाह दी।

बृजभूषण विवाद फिर चर्चा में

इस पूरे मामले के पीछे पुराना विवाद भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। करीब तीन साल पहले Vinesh Phogat ने WFI के पूर्व अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।

2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, Sakshi Malik और Bajrang Punia समेत कई पहलवानों ने धरना दिया था। उस आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान खींचा था।

हाल ही में विनेश ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट उसी जगह आयोजित किया जा रहा है, जहां बृजभूषण का प्रभाव माना जाता है। उन्होंने कहा कि वहां निष्पक्ष प्रतियोगिता की उम्मीद करना मुश्किल है।

विनेश ने यह भी खुलासा किया कि यौन उत्पीड़न मामले में शिकायत करने वाली 6 महिला पहलवानों में वह खुद भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है और वह लंबे समय तक इस बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना नहीं चाहती थीं।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कुछ मामलों में खिलाड़ियों को पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए कि विशेषज्ञ समिति बनाकर विनेश फोगाट की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका मिले।

फिलहाल इस मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की गई है। खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मामले पर लगातार चर्चा हो रही है।

Exit mobile version