रोहतक जिले के महम में देर सायं पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर एक युवती महम थाने में धरने पर बैठ गई। युवती ने दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रखा है। पुलिस ने उसके पति और सास को गिरफ्तारी के कुछ समय बाद छोड़ दिया। युवती इसी से नाराज थी और थाने में हंगामा करने लगी।

किशनगढ़ गांव की युवती रेनू ने अपने पति सतीश और सास के खिलाफ महम थाने में तीन महीने पहले मारपीट व दहेज का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया। युवती का आरोप है कि जिस समय दोनों को पुलिस ने पकड़ा, वह उनके साथ थी। पुलिस ने मिलीभगत करके उन दोनों को मात्र कुछ समय में ही थाने से छोड़ दिया।

जबकि कई लोगों को पुलिस पूरी रात लॉकअप में रखती है। पति व सास को छोड़ने से नाराज युवती थाने में ही कई देर तक धरने पर बैठी रही। उसने कहा कि न्याय न मिलने तक वह यहां से नहीं उठेगी। बाद में थाना प्रभारी ने उसे समझाया तो वह रात को अपने परिजनों के साथ घर लौट गई।

महम थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि युवती के पति और सास को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इसमें पुलिस क्या कर सकती है। उन्होंने कहा कि युवती को समझा दिया गया। बाद में वह घर चली गई।

रेनू की शादी 30 नवंबर, 2017 को सैमण के सतीश के साथ हुई थी। उसका आरोप है कि शादी के बाद से ही सुसराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। कई बार पंचायतें हुई, लेकिन उसका घर नहीं बसा। एक मार्च 2021 को ससुराल के लोगों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। उसके बाद महम पुलिस ने 16 सितंबर, 2021 पति और अन्य के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज किया।

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