पानीपत जिले के सिविल अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही अस्पताल के ही एक कर्मी की जान पर बन आई। पांच दिन से संदिग्ध डेंगू से पीड़ित सफाई कर्मचारी से बीमार होने के बावजूद भी काम कराया गया। उसे छुट्टी नहीं दी गई।
इतना ही नहीं, जिम्मेदारों द्वारा उससे ओवर टाइम भी ड्यूटी भी करवाई गई। आखिर में सफाईकर्मी की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर छुट्टी न देने के आरोप जड़े।
दरअसल, 17-19 नवंबर तक सिविल अस्पताल में एनक्वास की टीम का निरीक्षण है। इसको लेकर कर्मचारियों पर सख्ती की गई है। नोडल अधिकारियों की नॉन मेडिकल छुट्टी भी फिलहाल कैंसिल की गई है। इस मामले में डिप्टी MS अमित पौरिया ने कहा कि आरोप गलत हैं, रवि ने छुट्टी मांगी ही नहीं थी।
गांव गांजबड़ी निवासी रवि (27) पुत्र मुनीराम नवंबर 2018 से सिविल अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। अब वह कौशल विकास निगम योजना का कर्मचारी था। रवि को करीब पांच दिन से बुखार था। उसका असंध रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
साथी कर्मचारियों ने बताया कि एनक्वास टीम के निरीक्षण के मद्देनजर कर्मचारियों को छुट्टी नहीं मिल रही थी। रवि बुखार में भी ड्यूटी पर आ रहा था। शनिवार को उसकी मौत हो गई। रवि के पिता मुनीराम ने बताया कि रवि को दो दिन छुट्टी नहीं मिली थी।
वह डेंगू से ग्रस्त था। शनिवार को उसने जबरदस्ती उसको घर पर रखा था। दोपहर को उसकी मौत हो गई। रवि दो साल के बच्चे का पिता था और दो भाइयों में छोटा था। रवि की मौत के बाद अस्पताल के कर्मचारियों में रोष बना हुआ है।
इस बारे में डिप्टी MS डॉ. अमित पोरिया ने कहा कि शायद रवि डेंगू से ग्रस्त था। जिस कारण उसकी मौत हुई है। छुट्टी न देने की बात बिल्कुल गलत है। उसने छुट्टी मांगी ही नहीं है। शनिवार को भी ड्यूटी पर न आने पर उसे कॉल की गई ,तो उसने बताया था कि वह बीमार है। एनक्वास टीम के निरीक्षण बाबत दिन-रात सभी टीम वर्क कर रहे हैं। सभी आरोप निराधार है।

