पहलगाम अटैक के बाद भारतीय सेना ने पीओके और पाकिस्तान में 9 जगहों पर अटैक किए. इस ऑपरेशन को पूरी तरह से सीक्रेट रखा गया था. जिस तरह से इसे प्लान किया गया था, वह सौ फीसदी जमीन पर उतारा गया. एक तरफ ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा था, उसी वक्त यह भी तय किया जा रहा था कि ऑपरेशन की जानकारी कैसे साझा की जाए. इस पर तेजी से काम जारी था. एक ऐसा लोगो बनाया गया जो खुद में ही ऑपरेशन को पूरी तरह से बयान कर दे. तब बना ऑपरेशन सिंदूर का लोगो. इस लोगो को आर्मी हेडक्वाटर में तैनात सेना के अफसर ले. कर्नल हर्ष गुप्ता और हवलदार सुरिंदर सिंह ने तैयार किया. सेना की तरफ से दोनों की तस्वीरें जारी
ऑपरेशन की तारीख 7 मई तय की गई तो इसकी तैयारी पहले से ही जारी थी. इसमें ऑपरेशन के साथ-साथ कैसे उसे दुनिया के सामने लाना है, इसकी तैयारी 5 मई से ही रक्षा मंत्रालय में होने लगी थी. वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को दो दिन से वहीं रोका गया था. स्ट्राइक वाली रात को कुछ और अधिकारियों को भी दफ्तर बुलाया गया था. स्ट्राइक की जानकारी देशवासियों को किस तरह से देनी है, उसके लिए संबंधित दफ्तर को आवाजाही के लिए बंद किया गया था. सूत्रों की मानें तो ऑपरेशन सिंदूर का लोगो महज 45 मिनट में बनकर तैयार हुआ था. सफल स्ट्राइक की जानकारी रक्षा मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करके दी. रिलीज पर उसके जारी करने का वक्त भी लिखा था. यह वक्त था रात 1 बजकर 44 मिनट. इसके ठीक 6 मिनट बाद, 1 बजकर 51 मिनट पर भारतीय सेना के सोशल मीडिया हैंडल से भी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का ऐलान कर दिया गया। ऑपरेशन सिंदूर के लोगो के साथ लिखा गया “बदला पूरा हुआ”.
जब यह स्ट्राइक को अंजाम दिया जा रहा था, पीएम खुद ऑपरेशन को मॉनिटर कर रहे थे. सेना मुख्यालय के ऑप्स रूम में भी गहमागहमी थी. सीडीएस, तीनों सेना के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार ऑप्स रूम में मौजूद थे. पहली बार आर्मी हेडक्वाटर के ऑप्स रूम में ऑपरेशन को मॉनिटर करने वाली तस्वीरें सेना ने साझा कीं. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि 1 बजकर 7 मिनट पर सेना प्रमुख बड़े से डिस्प्ले वॉल के सामने खड़े थे. इस वॉल पर कई सारे मॉनिटर में साफ दिख रहा था कि अटैक कैसे अंजाम दिया जा रहा है. जिस तरह का प्लान किया गया था, ऑपरेशन बिल्कुल वैसे ही अंजाम दिया गया. 21 में से जो 9 टार्गेट चुने गए थे, उन्हें महज 23 मिनट में ध्वस्त किया गया.
