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बलि देने जा रहे लोगों की कार नदी में जा गिरी, 4 की डूबकर हो गई मौत, बकरा बच गया जिंदा

कहा जाता है कि आदमी अपने सुख-समृद्धि और शांति के लिए तरह-तरह के अनुष्ठान और पूजा पाठ करता है। वहीं कुछ लोग जानवरों की बलि देने और उसका प्रसाद बांटने की भी परंपरा का निर्वाह करते हैं, लेकिन नियति में कुछ और लिखा होता है तो सारी की सारी योजना फेल हो जाती है। आज एक ऐसे ही परिवार के साथ एक दुखद घटना घट गई और परिवार के चार लोग मौके पर ही मर गए, जबकि जिस बकरे की बलि दी जानी थी, वह बकरा बच गया है।

हादसे में इनकी हुई मौत

जानकारी में बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में यह अजीबोगरीब गरीब घटना सामने आई है। यहां एक तेज रफ्तार एसयूवी गाड़ी पुल की रेलिंग रेलिंग तोड़ते हुए 30 फीट नीचे एक सूखी नदी में जा गिरी है। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार दो अन्य लोग घायल बता जा रहे हैं। हैरानी की बात यह रही कि इस गाड़ी में रखा गया बकरा बाल-बाल बच गया है, जिसको परिवार में पूजन के बाद बलि देने के लिए ले जाया जा रहा था। मरने वाले सभी लोग जबलपुर जिले के चौकीताल गांव के निवासी थे।

स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर चरगवां-जबलपुर रोड पर करीब साढ़े 3 बजे से 4 बजे के बीच हुआ, जब एक पटेल परिवार के 6 लोग एक गाड़ी में सवार होकर नरसिंहपुर के दादा दरबार में दर्शन करने गए थे और वहां पर बकरे और मुर्गे को प्रतीकात्मक रूप से चढ़ाने के बाद जबलपुर वापस लौट रहे थे। घर में वापस आने के बाद परिवार के लोग चिकन और मटन की दावत करने वाले थे। इसीलिए अपनी गाड़ी में चढ़ाया हुआ एक मुर्गा और बकरा भी रखा था। लोगों ने बताया कि परिवार की पूजा के बाद प्रतीकात्मक रूप से चढ़ाए गए बकरे और मुर्गे की बलि दी जानी थी और उससे दावत होने वाली थी। इस दुर्घटना में मुर्गे की मौके पर मौत हो गई, जबकि बकरे का कान कट गया है, लेकिन वह बाल बाल बच गया।

युवकों ने मंदिर में बकरे की प्रतीकात्मक बलि दी थी। घर लौटकर वो समाज में प्रसाद बांटने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। ग्रामीण आशीष पटेल ने बताया कि ये सभी युवक मन्नत पूरी होने के बाद दर्शन के लिए गए थे। उन्होंने अच्छी फसल के लिए मन्नत मानी थी।मृतकों में सागर पटेल फर्स्ट ईयर का छात्र था और उसने आखिरी वक्त में साथ चलने का फैसला लिया था। आशीष के मुताबिक जिस पुल पर हादसा हुआ वह बेहद संकरा है और वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में यह पता चला है कि तेज रफ्तार होने के कारण ड्राइवर का कार पर से नियंत्रण खो गया और वह गाड़ी रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। हादसे की सूचना पर चरगवां पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल लोगों को गाड़ी से बाहर निकलवाया और इलाज के लिए स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया, जबकि मरने वालों के शव को गाड़ी से निकलने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद सभी चार मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया तथा परिवार के लोगों को सूचना दे दी गई।

मृतकों में 35 वर्षीय किशन पटेल, 34 वर्षीय महेंद्र पटेल, 17 वर्षीय सागर पटेल के साथ 36 वर्षीय राजेंद्र पटेल शामिल हैं, जबकि दो अन्य लोग घायल हैं, जिनके नाम जितेंद्र पटेल और मनोज प्रताप बताए जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायलों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया और उनका इलाज चल रहा है। ये सभी लोग जबलपुर जिले के चौकीताल गांव के निवासी थे। फिलहाल मामला दर्ज करके मामले की जांच जारी है।

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