पानीपत के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी नूरहसन उर्फ राजू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश आरके मेहता की अदालत ने पत्नी, साली और सास की बेरहमी से हत्या को जघन्य अपराध मानते हुए आरोपी पर जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं धारा 201 (साक्ष्य मिटाने) में तीन साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

चरित्र पर शक से शुरू हुई खौफनाक वारदात

मामला सितंबर 2020 का है। गांव चुलकाना निवासी नूरहसन समालखा में किराये के मकान पर रहता था। पुलिस जांच और अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी मधु के चरित्र पर शक करता था। 4 सितंबर 2020 को पत्नी से विवाद और साली मनीषा द्वारा पुलिस में शिकायत की धमकी के बाद उसने खून की साजिश रची।

नींद की गोलियां देकर कुल्हाड़ी से हत्या

5 सितंबर की रात आरोपी ने पत्नी और साली को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। बेहोश होने के बाद कुल्हाड़ी से वार कर दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए पत्नी के शव को रेलवे लाइन के पास जला दिया और साली के शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया।

सास की भी कर दी हत्या

घटना के कुछ दिन बाद जब सास जमीला ने बेटियों के बारे में पूछताछ की तो आरोपी उन्हें बहाने से साथ ले गया और रास्ते में उनकी भी हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया।

पुलिस ने जांच के दौरान वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, खून से सना तकिया समेत अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए थे। जीआरपी थाना पानीपत पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई। इस फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

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