उत्तर प्रदेश के बरेली से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां शाही थाना क्षेत्र के दुनका में बंदरों के झुंड ने एक शख्स के हाथ से 4 महीने के बच्चे को छीनकर छत से फेंक दिया। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। रात के समय मे गर्मी ज्यादा होने के कारण पिता बच्चे को लेकर छत पर टहलने लगे, उसी दौरान बंदरो के झुंड ने उन पर हमला कर बच्चे को छीन लिया और फेंक दिया।
बंदरों के झुंड से बचने के लिए पिता ने आवाज़ लगाई, लेकिन कुछ बंदर उनसे लिपट गये और जब तक आवाज सुनकर घर के लोग मदद के लिए आते, उससे पहले ही बंदरों ने उनके हाथ से बच्चे को छीनकर भागने लगे और देखते ही देखते उनके कलेजे के टुकड़े को छत से फेंक दिया। तीन मंजिल की छत से नीचे गिरते ही बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इसी दौरान जब निर्देश के परिवार वाले छत पर पहुंचे तो बंदरों के झुंड ने उन पर भी हमला कर दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दरअसल, शाही थाना क्षेत्र के दुनका निवासी निर्देश के घर सात साल बाद दूसरे बेटे ने जन्म लिया था। जिसके नामकरण की तैयारी चल रही थी, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। नामकरण संस्कार के लिए तारीख भी तय हो रही थी। लेकिन एक पल में सारी खुशियां मातम में बदल गई। बच्चे की मां का रोते रोते बुरा हाल है। अपने कलेजे के टुकड़े के जाने से बाद बदहावस मां बोली कि अब किसका नामकरण होगा, मेरा बेटा तो चला गया। गौरतलब है कि इससे पहले शहरी क्षेत्र में कुत्तों और बंदरों के हमलों में कई लोग बुरी तरह घायल हो चुके है, लेकिन जिम्मेदार अफसर हमेशा अफ़सोस जताने के अलावा कुछ नहीं करते।
बता दे दुनका गांव में निवासी निर्देश उपाध्याय किसान हैं। गर्मी की वजह से शाम को बेटे को गोद में लेकर छत पर चले जाते थे। शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे बेटे और पत्नी स्वाति के साथ टहल रहे थे। अचानक बंदरों का झुंड छत पर आ गया। उन्होंने आवाज लगाकर भगाने का प्रयास किया। इतने में कुछ बंदरों ने स्वाति पर हमला कर दिया। वह बचकर नीचे भाग गई। कुछ बंदरों ने निर्देश को घेर लिया। बेटा उनकी गोद से छीन लिया और नीचे फेंक दिया। कुछ ही मिनट में निर्देश और स्वाति का बेटा हमेशा के लिए दुनिया से चला गया।
बता दें कि इससे पहले यूपी के लखनऊ में एक पिटबुल कुत्ते ने अपनी मकान मालकिन की नोंच-नोंचकर हत्या कर दी थी। इस घटना की काफी चर्चा हो रही थी और जानवरों के हिंसक व्यवहार करने पर वन विभाग या पशु चिकित्सक को बताने को कहा गया था।
