फरीदाबाद के बल्लभगढ़ से घर में घुसकर हथियार के बल पर बैंक मैनेजर की किडनैपिंग करने के मामले में पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से फिरौती के 5 लाख रुपए, एक कट्टा और एक पिस्टल बरामद हुई। वहीं, एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
बुधवार को ACP क्राइम अमन यादव ने बताया कि 21 अप्रैल की रात को सेक्टर-62 निवासी बैंक मैनेजर सतीश को उनके घर से किडनैप कर लिया गया था। वह ICICI बैंक की दिल्ली शाखा में मैनेजर है। इसकी शिकायत सतीश के परिजनों ने पुलिस को दी थी।
ACP ने बताया कि अपहरण के आरोपी भूपेंद्र और उसके दोस्त रविंद्र ने सतीश को घर से उठाया। उसकी ही गाड़ी में उसे आंख पर पट्टी बांधकर डिग्गी में डाला। उसके हाथ और पैर भी रस्सी से बांध दिए थे।
घटना के समय बैंक मैनेजर के पिता अमर पाल और दोस्त अमित भी मौजूद थे। अमित ने किडनैपरों से सतीश को छुड़ाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अमित के सिर में हथौड़ा मार कर उसे घायल कर दिया। घटना के समय सतीश की पत्नी दिल्ली गई थी।
ACP क्राइम ने बताया कि सतीश के पिता दिल्ली में बिजली बोर्ड में सरकारी कर्मचारी हैं और सतीश की पत्नी भी दिल्ली में किसी विभाग में सरकारी कर्मचारी है। पकड़ा गया आरोपी भूपेंद्र फरवरी 2024 तक सतीश के घर में ही किराये पर रहा था। इसलिए, उसे मालूम था कि फैमिली पैसे वाली है। आरोपी भूपेंद्र पलवल के बडोली गांव का रहने वाला है और रविंद्र गुरुग्राम का रहने वाला है।
ACP का कहना है कि आरोपी भूपेंद्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उसके साथी रविंद्र को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों ने बैंक मैनेजर की गाड़ी को दिल्ली में ही छोड़ दिया था। हिमाचल से जब मथुरा गए तब रविंद्र अपनी गाड़ी लेकर किसी काम का बहाना बनाकर निकल गया।
फिर भूपेंद्र और उसकी पत्नी ने एक गाड़ी मथुरा से किराए पर ली और वह इस गाड़ी से कैली बाइपास रोड पर आए थे। जब ड्राइवर ने उनसे पूछा कि आंख पर पट्टी क्यों बांधी है तो उन्होंने जवाब दिया कि उनकी आंखें बनवाई गई है इसलिए आंख पर पट्टी बंधी है।
