रोहतक में वीरवार को हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने जिला जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।अध्यापकों को संबोधित करते हुए राज्य उपप्रधान मुकेश यादव, निशा, जयकुंवार दहिया एवं जयवीर चहल ने कहा कि सरकार द्वारा सार्वजनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की जगह सरकारी स्कूलों से बच्चों को बाहर करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। चिराग योजना के तहत सरकारी स्कूलों से प्राइवेट स्कूलों में दाखिले लेने वाले बच्चों की फीस सरकार देगी। अगर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस सरकार देगी तो सरकारी स्कूलों में कौन आएगा। इसी तरह नई स्थाई भर्ती करने की जगह रिटायर्ड टीचर को दोबारा स्कूलों में रखा जा रहा है।
इस अवसर एसकेएस जिला सचिव जयकुंवार दहिया, सह सचिव प्रेम घिलोडिया, पटवार एवं कानूनगो एसोशिएशन के राज्य प्रधान जयवीर चहल, मुकेश यादव, निशा, श्याम सुंदर, मीनाक्षी, नसीब, प्रदीप, भारती आदि अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
नेताओं ने कहा कि पांच किलोमीटर के अंदर आने वाले 500 से कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने की योजना, कन्या व सहशिक्षा विद्यालय का मर्जर, पहली से 12वीं तक के एक गांव के सभी स्कूलों का मर्जर, बच्चों को तीन साल से किताबें ना देना, सालों से अध्यापकों की नियमित भर्ती ना करना, छह सालों से अध्यापकों के आनलाइन तबादले ना करना, मेवात में एनजीओ द्वारा अध्यापकों की अस्थाई भर्ती, अव्यवहारिक रेशनलाइजेशन, अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाए रखना, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध ना करवाना, माडल संस्कृति स्कूलों में फीस लागू करना, दाखिलों में शर्तें लगाना आदि बीसियों तरह की योजनाएं सरकारी स्कूलों पर धड़ाधड़ थोपी जा रही हैं ताकि अध्यापकों के अधिक से अधिक पदों को समाप्त किया जा सके व नई भर्ती ना करनी पड़े और जो अध्यापक उपलब्ध हैं इन्हीं से ही किसी भी तरह से काम लिया जाए।
