रोहतक में पिछले करीब चार दिन में 50 से अधिक सुअरों की मौत होने से इनमें स्वाइन फ्लू की आशंका जताई जा रही है और पशुपालकों में हड़कंप मचने लगा है। लोगों का कहना है कि जिला में आए दिन सुअर मृत मिल रहे हैं। लेकिन अभी तक विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि आखिर सुअरों की मौत की वजह क्या है। ऐसे में लेकिन लगता है कि सुअरों की मौत को पशुपालन विभाग हलके में ले रहा है। जिला में 35 सुअर फार्म हैं, जिनमें नौ हजार से अधिक सुअर हैं। इसके अलावा अन्य कालोनियों व गली मुहल्लों में भी सुअर पाले जा रहे हैं। हालांकि विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सुअर फार्माें में वैक्सीनेशन किया जा रहा है लेकिन गली मुहल्लों में पाले जा रहे सुअरों का वैक्सीनेशन न होने से पशुपालक चितित नजर आ रहे हैं। बता दें कि पिछले दिनों जवाहर लाल नेहरु कैनाल जेएलएन, भालौठ सब ब्र्रांच बीएसबी, जींद रोड पर व कच्चा चमारिया रोड के निकट सहित कुल 50 से अधिक सुअर मृत मिल चुके हैं। जिसके चलते सुअरों में स्वाइन फ्लू फैलने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुअरों की मौत के मामले में पिछले दिनों सैंपल लिए गए थे, जिन्हें जांच के लिए हिसार के लुवास में भेजा गया है। वहां से कुछ दिन में रिपोर्ट आने की संभावना है। अब सड़क पर मृत पाया गया कटड़ा।
एक तरफ स्वाइन फ्लू तो दूसरी तरफ मृत सूअरों का सड़क पर ही ढेर!!

