मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह रसिक दुलारी शरण चौथी मंजिल पर गए। कुछ देर वहां बैठे और फिर छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। कमरे से ग्राइंडर मिला है। उस पर खून के निशान लगे हैं। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। आशंका है कि रसिक दुलारी ने खुद को इससे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
मामला वाराह घाट इलाके की 4 मंजिला गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग का है। यह बिल्डिंग प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज की है। इसमें प्रेमानंदजी के आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। यह बिल्डिंग प्रेमानंद के पुराने केली गुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है। घटना गुरुवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच की है। पुलिस का कहना है कि आधे घंटे तक वह वहीं पड़े रहे। बाद में नजर पड़ी तो प्रेमानंद के शिष्य उन्हें अस्पताल ले गए। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से दोपहर 2 बजे के करीब पुलिस को सूचना दी गई।
जानकारी के मुताबिक रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। वह 2 साल पहले वृंदावन आए और प्रेमानंदजी से दीक्षा ली। इसके बाद अपना नाम दीपक लोधी से बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। दीपक 2 भाई और एक बहन है। सबसे बड़ी बहन और फिर दीपक थे। सबसे छोटे भाई मनीष हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी मां लौंग बाई एक साल पहले वृंदावन आई थीं। वह दूसरी जगह 5 दिन रहीं, इस दौरान दीपक उनसे मिलते रहते थे। बताया जा रहा है कि वह 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके थे। रसिक दुलारी बिजली का काम जानते थे, इसलिए आश्रम में उन्हें इसी सेवा से जोड़ा गया था। 3 महीने पहले रसिक दुलारी को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर रहने के लिए कमरा दिया गया था।
सीओ संदीप सिंह ने मीडिया में बताया- अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। कमरे से कुछ संदिग्ध सामान मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले रसिक दुलारी की किससे बातचीत हुई थी और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। इसके लिए मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है।
25 साल के रसिक दुलारी शरण ने अगर सुसाइड किया तो क्यों किया? इसका जवाब न पुलिस के पास है, न ही आश्रम से जुड़े लोग इस बारे में कुछ बोल रहे हैं। सर्वोदय अस्पताल के मुताबिक रसिक दुलारी को जब लाया गया था, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ऐसे में पुलिस को इतनी देर से सूचना क्यों दी गई। कमरे में गाइंडर मिला है। उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या उन्होंने अपना प्राइवेट पार्ट काटने की कोशिश की थी। अगर हां, तो ऐसा क्यों किया। क्योंकि, जिस आश्रम में वह रहते थे, वह किसी भी तरह की तंत्र क्रिया नहीं होती है।पुलिस का दावा है कि CCTV मिला है, जिसमें वह कूदते हुए नजर आए हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक वह CCTV जारी नहीं किया।
संत प्रेमानंद महाराज पहले केली कुंज आश्रम में रहते थे, लेकिन 18 मई को केली कुंज छोड़ दिया। तब से यमुना बिहार कुंज आश्रम में रहते हैं। यह आश्रम केली कुंज से यमुना के रास्ते 3 किलोमीटर और सड़क मार्ग से 18 किलोमीटर दूर है। महाराजजी राधा अष्टमी पर केली कुंज आश्रम आए थे। उन्होंने राधा रानी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया और दोपहर तक रहे। इसके बाद नए आश्रम चले गए। तब से वह केली कुंज नहीं आए।

