दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) की छात्रा का चयन ग्रामीण विकास मंत्रालय ने समर इंटर्नशिप के लिए किया है। चयनित छात्रा मान्या फिलहाल डिजाइन फैकेल्टी के टेक्सटाइल डिजाइन डिपार्टमेंट के चौथे सेमेस्टर में पढ़ रही है। समर इंटर्नशिप 1 जून से शुरू होगी।
टेक्सटाइल डिजाइन के एचओडी अनिल कुमार ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में होने वाली समर इंटर्नशिप के लिए मान्या का चयन होना सुपवा परिवार के लिए गर्व का विषय है। इस इंटर्नशिप को बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है। मान्या का चयन रिज्यूमे स्क्रीनिंग, पोर्टफोलियो मूल्यांकन, शॉर्ट लिस्टिंग और इंटरव्यू जैसी कड़ी प्रक्रिया से गुजरने के बाद हुआ है। इंटर्नशिप के दौरान वह पिपिलीक महिला हस्तशिल्प के साथ परंपरागत शिल्प विकास व ग्रामीण आजीविका पहल पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम के तहत काम करेंगी। इंटर्नशिप में विशेष रूप से ओडिशा की प्रसिद्ध पिपली कारीगरी पर फोकस करेगी और पारंपरिक हस्तकला व समकालीन डिजाइन प्रथाओं के बीच संबंध को मजबूत करने का काम करेगी। इंटर्नशिप के दौरान मान्या डिजाइन हस्तक्षेप, कौशल विनिमय, उत्पाद विकास और दस्तावेजीकरण व अनुसंधान के क्षेत्रों में अपना योगदान देगी।
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की यह पहल ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व दीनदयाल अंत्योदय योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए चलाई जाती है। जिसमें समर इंटर्नशिप के जरिए युवा अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सतत ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में शामिल कराते हैं। डॉ आर्य ने कहा कि सुपवा के छात्र-छात्राएं लगातार यूनिवर्सिटी व प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। जब भी कोई छात्र इस तरह से आगे बढ़ता है तो उसकी सबसे ज्यादा खुशी उनकी फैकेल्टी व परिवार को होती है, जबकि अन्य छात्रों के लिए यह प्रेरणा बनते हैं। उम्मीद है कि मान्या समर्पण, रचनात्मकता व उत्कृष्टता के साथ सुपवा परिवार का प्रतिनिधित्व करेगी।
