केरल में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में केरल सरकार की ओर से बकरीद पर लॉकडाउन में ढील दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, ‘यह अफसोस की बात है कि राज्य सरकार व्यापारी संगठनों के दबाव में आ गई। उन इलाकों में भी दुकान खोलने की अनुमति दी जहां कोरोना दर 15 फीसदी से अधिक है और लोगों की जान को खतरे में डाल दिया।’
सुप्रीम कोर्ट ने बकरीद के मद्देनजर लॉकडाउन में ढील देने पर केरल सरकार को जमकर लताड़ लगाई। कहा कि यह चौंकाने वाली स्थिति है। राज्य सरकार ने ट्रेडर्स समूह के दबाव में बाजार खोल दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल सरकार का हलफनामा चिंताजनक। यह भारत के सभी नागरिकों को जीवन के अधिकार की गारंटी नहीं देता है। केरल सरकार ने बकरीद के अवसर पर इस तरह की छूट देकर देश के नागरिकों के लिए राष्ट्रव्यापी महामारी के जोखिम को बढ़ा दिया है।
Supreme Court pulls up Kerala government for relaxing COVID19 restriction for celebration of Bakrid in the state.
— ANI (@ANI) July 20, 2021
Supreme Court says it is shocking state of affairs that the Kerala government has given in to the demand of traders in relaxing lockdown norms pic.twitter.com/NtD5ytOw0M
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम केरल सरकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निहित जीवन के अधिकार पर ध्यान देने का निर्देश देते हैं।’ साथ ही कहा कि अगर अगर बकरीद के लिए राज्य द्वारा दी गई ढील से कोविड-19 का और प्रसार होता है, तो वह कार्रवाई करेगा।
हालांकि, बकरीद पर लॉकडाउन ढील पर केरल सरकार द्वारा अधिसूचना को रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश नहीं दिया। लॉकडाउन में ढील का आज आखिरी दिन है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कुछ आदेश पारित किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अब कोई मतलब नहीं है।
अगले दो-तीन महीने के भीतर 60 फीसदी टीकाकरण
केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों का ‘‘वह तेजी से’’ टीकाकरण कर रही है और अगले दो-तीन महीने के भीतर राज्य की कम से कम 60 फीसदी आबादी का टीकाकरण पूर्ण कर लेगी।
बकरीद के मौके पर दी गई ढील के खिलाफ आवेदन पर उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में केरल सरकार ने कहा है कि उसने अबतक 18 साल से अधिक उम्र के 45 लोगों को कम से कम टीके की एक खुराक मुहैया कराई है जबकि 18 प्रतिशत वयस्कों को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है।
