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सुखना-भाखड़ा के फ्लड गेट खोले:7 जिलों में बाढ़, ड्रोन से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री; आर्मी रेस्क्यू में जुटी

पंजाब के 7 जिलों में बाढ़ है। आज और अगले तीन दिन तक और पानी बढ़ने का खतरा है। सुखना लेक के फ्लड गेट भी खोल दिए गए हैं जिससे घग्गर में वाटर लेवल बढ़ गया है। वहीं भाखड़ा के भी चार गेटों से सतलुज में पानी छोड़ा जा रहा है।

शुक्रवार सुबह से आर्मी बाढ़ में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कर रही है। ड्रोन से राशन पहुंचाया जा रहा है। अमृतसर के अजनाला में लोग कंधों पर लादकर घर-घर राशन पहुंचा रहे हैं।

बाढ़ के कारण अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। 3 लोग मिसिंग हैं। मौसम विभाग चंडीगढ़ ने अगले तीन दिन के लिए जिला मोहाली, नवांशहर और होशियारपुर में बारिश काे लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। पठानकोट में यलो अलर्ट है।

पंजाब के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में 2 अक्टूबर तक ऑरेंज अलर्ट और हिमाचल प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगर फिर से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में जमकर बादल बरसे तो उसका नुकसान सीधा पंजाब को उठाना पड़ सकता है।

गुरुवार (28 अगस्त) को राज्य में कहीं भी बारिश नहीं हुई थी। जिसके चलते रावी का जलस्तर कुछ कम हुआ है। जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के कारण पंजाब से गुजरने वाली 38 ट्रेनें रद्द की गई हैं।

डैमों से छोड़े जा रहे पानी के कारण तीन दिन से पंजाब के 7 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 250 से ज्यादा गांवों में 5 से 15 फीट तक पानी है। कई समाजसेवी वोट के जरिए लोगों को निकाल रहे हैं।

अमृतसर में बाढ़ ग्रस्त इलाकों, जहां लोग अपना घर छोड़ना नहीं चाहते, में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। जिला प्रशासन की सहायता से आर्मी के ट्रक्स अपने वाहनों में खाने का सामान लेकर गांवों में पहुंच रहे हैं।

इंडियन आर्मी की गोल्डन ऐरो डिवीजन ने बाढ़ से पीड़ित पंजाब के रुकनेवाला, धीरागनांद, दिलचे पल्ला और मेघा गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला परिवारों को निकाला।

गुरुवार शाम तरनतारन के गांव बुर्ज देवा सिंह के दो बच्चे प्रभ और प्रिंस (11 व 9 साल) के गांव में कुछ निहंग सिंह आए थे। निहंग सिंहों ने बच्चों को अपने घोड़ों को चरने के लिए ले जाने को कहा। ये बच्चे घोड़ों को लेकर गांव के बाहर बने ईंटों के भट्‌ठे पर ले गए। जहां रेत निकालने के लिए बनाए गए गड्‌डों में पानी भरा था। ये बच्चे पानी में गिर कर डूब गए। अन्य बच्चों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक गांव वाले पहुंचे बच्चों की मौत हो चुकी थी।

माधोपुर और गुरदासपुर में नदियों में आए उफान से तीन लोगों की मौत हुई, जबकि पठानकोट में एक बच्ची का शव मिला और तीन लोग लापता हैं।

सबसे अधिक प्रभावित जिले पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का हैं। इन जिलों के 350 से अधिक गांवों में पानी भर गया, कई जगह 5-7 फीट तक जलस्तर दर्ज किया गया। हालात इतने बिगड़े कि रेस्क्यू के लिए सेना को ग्राउंड पर उतरना पड़ा।

आज पूरे दिन सेना ने प्रभावित क्षेत्रों से 5290 लोगों का रेस्क्यू किया। चिनूक हेलिकॉप्टर और एंफीबियन वाहनों से लोगों तक मदद पहुंचाई गई, इस दौरान एक गर्भवती महिला को रेस्क्यू टीम नांव पर बैठाती भी नजर आई।

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