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स्टूडेंट्स ने 2 रोडवेज बसों को रोक किया विरोध प्रदर्शन; बोले- भीड़ ज्यादा होने से सफर करने में होती परेशानी, अतिरिक्त बस चलाने की मांग

हिसार के घिराय गांव में स्टूडेंट्स ने रोडवेज की 2 बसों को रोक लिया। गुरुवार सुबह 8 बजे घिराय में स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स ने रोडवेज की दो बसों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स का कहना है कि बसों में भीड़ ज्यादा होने के कारण वे सफर नहीं कर सकते। इसे लेकर पहले ही रोडवेज प्रबंधन को अतिरिक्त बस चलाने की मांग की थी, लेकिन प्रबंधन ने अतिरिक्त बस नहीं चलाई।

इसके बाद रोडवेज विभाग के अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वासन दिया कि समय सारिणी में बदलाव करके बसें चलाई जाएगी, ताकि वे समय पर शिक्षण संस्थानों में पहुंच सके। साथ ही रोडवेज अधिकारियों ने धांसू की बजाए मिर्जापुर वाया सुलखनी, घिराए बसें चलाने की हामी भरी। जिसके बाद बसें चली।

इससे पहले सुबह स्टूडेंट्स ने बताया कि हिसार से वाया धांसू, सुलखनी, घिराय तक सुबह 8 बजे रोडवेज की बस में ज्यादा भीड़ होने के कारण स्टूडेंट्स को दिक्कतें आती हैं। इसे लेकर तीन गांवों की पंचायत ने शिकायत भी दी थी, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ। जिसके चलते स्टूडेंट्स ने बसों को रोककर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले विद्यार्थियों ने चेतावनी दी हुई थी, अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह आंदोलन करेंगे और बसों को रोकेंगे।

खानपुर सिंधड़ गांव की तरफ से आने वाली बस सुबह 8 बजे घिराय सुलखनी धांसू होकर हिसार जाती है। इस दौरान बस में स्टूडेंट्स की संख्या और ज्यादा हो जाती है। अन्य लोग भी बस में सवार होते हैं। इस कारण बस पलटने का भी खतरा मंडराता रहता है। स्टूडेंट्स ने बताया कि रोडवेज प्रशासन उनकी समस्या का समाधान करने की बजाय समस्या को बढ़ा रहा है। स्टूडेंट्स की मांग है कि सुबह 8 बजे और दोपहर 3 बजे एक्स्ट्रा बस लगाई जाए। ताकि स्टूडेंट्स और आमजन को समस्या का सामना न करना पड़े।

स्टूडेंट्स ने बताया कि लॉकडाउन में यहां से बसे बंद कर दी गई थी, जिसके बाद से आज तक बसों के फेरे तो बढ़ाए नहीं, बल्कि कम किए गए। स्टूडेंट्स ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान रोडवेज प्रशासन की तरफ से पक्के तौर पर नहीं किया जाता तब तक वह बसों को छोड़ने वाले नहीं है। वहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजबीर सिंह ने बताया कि प्रबंधन के पास पर्याप्त स्टाफ है, इसलिए इन रूटों पर बसें चलाकर उनकी मांग को पूरा करना चाहिए।

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