हरियाणा के रोहतक शहर स्थित महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को वाइस चांसलर (VC) कार्यालय का घेराव किया। घंटों तक घेराव व धरने के बाद भी वीसी छात्रों की बात सुनने के लिए नहीं आए। इससे आक्रोशित हुए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है की विश्वविद्यालय प्रशासन जानबूझकर उनकी बात नहीं सुन रहा है। हॉस्टलों में कमरे खाली पड़े हैं और छात्र बाहर किराए पर रहने को मजबूर हैं। हॉस्टल देने के लिए नई-नई शर्त लगाई जा रही हैं।
इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (INSO) के नेता प्रदीप शर्मा ने बताया कि छात्रों की आधा दर्जन से अधिक मांगे हैं। इन पर विचार नहीं किया जा रहा है। सभी छात्रों को हॉस्टल नहीं दिया जा रहा है। वहीं छात्रों से विश्वविद्यालय परिसर में बार-बार आई कार्ड दिखाने के लिए कहा जाता है, इस पर उनका बेवजह शोषण किया जाता है। इसके अलावा प्रथम वर्ष के छात्रों की ऑफलाइन क्लास लगवाने, हॉस्टलों तक वाहनों को ले जाने, मैस में खाने की गुणवत्ता सुधारने आदि की मांगे प्रमुख हैं।
INSO के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल का कहना है कि जब छात्र वीसी कार्यालय का घेराव कर रहे थे, तब वीसी राजबीर सिंह लोहान उनकी समस्याएं सुनने के बजाय कार्यालय के पीछे के दरवाजे से चले गए। इस पर गुस्साए छात्रों ने पूरे परिसर में मार्च निकालकर नारेबाजी की। प्रदीप का कहना है कि जब तक छात्रों की जायज मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन मानेगा नहीं तब तक धरान-प्रदर्शन जारी रहेंगे।
प्रदीप शर्मा ने बताया कि छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार उनके पास आए। रजिस्ट्रार के सामने छात्रों ने अपनी सभी मांगे रखीं। रजिस्ट्रार ने उनकी मांगों पर काम करने के लिए कमेटी बनाने का आश्वासन दिया है।

