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रोहतक में नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई जारी, नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा की जा रही निरंतर कार्रवाई, जनवरी से मई 2025 तक बरामद किए गए मादक पदार्थ, 42 मामलों में 64 व्यक्ति गिरफ्तार

रोहतक, 18 जून : उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिला में मादक पदार्थों तस्करी व खपत पर नियंत्रण करने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा इन पदार्थों की तस्करी करने वालों के विरुद्ध अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर कार्रवाई जारी है। जिला में गत जनवरी माह से मई माह के दौरान मादक पदार्थ रोकथाम अधिनियम के तहत 42 मामले दर्ज कर 64 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा मादक पदार्थ बरामद किए गए। इसी दौरान अधिनियम के तहत कमर्शियल रिकवरी के दस मामले दर्ज कर 22 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 1 जनवरी से 26 मई 2025 तक पुलिस द्वारा मादक पदार्थ रोकथाम अधिनियम के तहत 42 मामले दर्ज किए गए तथा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त 64 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इन मामलों में 0.717 ग्राम अफीम, 7 किलो 987 ग्राम चरस, 987 किलोग्राम से अधिक चूरा पोस्त, 0.195 ग्राम हेरोइन तथा 13 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया गया। उपायुक्त द्वारा सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) को उनके क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री व खरीद में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए अध्यापकों, आशा कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित करने की हिदायतें दी गई है।
उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने सिविल सर्जन को प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ जिला में स्थित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की जांच कर यह पता लगाने की हिदायतें दी गई है कि इन केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है अथवा नहीं। सिविल सर्जन को यह भी हिदायतें दी गई है कि यदि कोई नशा मुक्ति केंद्र अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। सिविल सर्जन द्वारा गांवों के युवाओं व नागरिकों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए गए है।
धर्मेंद्र सिंह ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव को सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र को दोबारा शुरू करने की हिदायतें दी गई है तथा उन्हें इस कार्य में सहयोग करने वाले गैर सरकारी संगठनों को जोड़ने की हिदायतें भी दी गई है। ड्रग नियंत्रण अधिकारी को समय-समय पर सभी दवाइयों की दुकानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए गए है और यदि किसी दुकान पर प्रतिबंधित दवाइयां पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने तथा तुरंत प्रभाव से लाइसेंस रद्द करने के निर्देश भी दिए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी को सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों बारे जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

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