महम नगर पालिका ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्ट्रीट डॉग्स से संबंधित नई गाइडलाइन लागू की है। इसके तहत महम में जल्द ही एक स्ट्रीट डॉग शेल्टर हाउस बनाया जाएगा। शहर में कुत्तों को भोजन खिलाने और पार्कों में घुमाने को लेकर भी नए नियम बनाए गए हैं। नगर पालिका महम के म्यूनिसिपल इंजीनियर (एमई) अशोक हुड्डा ने बताया कि इस शेल्टर हाउस में खतरनाक किस्म के कुत्तों को रखा जाएगा।
यहां उनकी नसबंदी की जाएगी और रेबीज के टीके लगाए जाएंगे। इन प्रक्रियाओं के बाद स्ट्रीट डॉग्स को वापस शहर में छोड़ दिया जाएगा।
हुड्डा ने जानकारी दी कि शहर में स्ट्रीट डॉग्स को भोजन खिलाने के लिए चौक-चौराहों के पास निर्धारित स्थान तय किए जाएंगे। नागरिकों को गली के कुत्तों को केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों पर भोजन खिलाने की अनुमति होगी। निर्धारित स्थान के अलावा कहीं और भोजन डालते पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पार्कों में कुत्ते घुमाने वालों के खिलाफ भी नगर पालिका सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
यह कदम सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट डॉग्स को रेबीज के टीके लगाए जाएंगे ताकि यदि कोई कुत्ता किसी को काट भी ले तो रेबीज जैसी बीमारी का खतरा न हो। उनकी संख्या को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी भी करवाई जाएगी। इन सभी प्रक्रियाओं के लिए कुत्तों को शेल्टर हाउस में लाया जाएगा।
अशोक हुड्डा ने बताया कि इस संबंध में 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था, जिसकी पालना में नगर पालिका ये सभी कदम उठा रही है। उन्होंने पालतू कुत्तों के मालिकों से भी अपील की कि वे अपने कुत्तों को खुले में न छोड़ें और उन्हें नियंत्रण में रखें। यदि कोई पालतू कुत्ता किसी को काट लेता है, तो कानून में उसके लिए भी सजा का प्रावधान है।

