हरियाणा के मंत्री अनिल विज की ओर से कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लेकर दिए बयान पर अब कथावाचक देवकीनंदन ने पलटवार किया है। देवकीनंदन ने अनिल विज को कहा कि आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उस पर बैठकर अगर ईमानदारी से काम कर लिया होता तो आपकी बात मान्य होती। संस्कृति की दुर्दशा आपके जैसे कुर्सी पर बैठे लोगों ने की है। देवकीनंदन ने एक कथा के दौरान यह बात कही।
दरअसल, अनिरुद्धाचार्य का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक युवक के पूछे गए सवाल पर कहते हैं कि लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं। इस बयान के बाद उनका जगह-जगह विरोध हो रहा है।
इस पर अनिल विज ने जवाब दिया था। उन्होंने कहा था- कथावाचक और संत में बहुत फर्क होता है। कथावाचक कोई भी 4 किताबें पढ़कर बन सकता है।
बयान दिए। संत वह होता है, जिसने त्याग, तपस्या के साथ आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो, जिसने ईश्वर के साथ अपनी तार मिला ली हो। लोगों को इन कथावाचकों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। लोगों को संतों का ज्ञान सुनना चाहिए। संत ही परम सत्य बताते हैं।”
