रोहतक के राहड़ और गोहाना रोड के आस-पास की कॉलोनियों में अब बारिश के समय पानी जमा नहीं होगा। यहां 23 करोड़ रुपए की लागत से स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल सिस्टम तैयार किया गया है। जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने इसका उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि लोगों को बारिश में जलभराव से काफी परेशानी होती थी। कई बार इस बारे में शिकायतें भी आई थीं। अब इस नई व्यवस्था से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और पानी जमा होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोगों को बारिश में जलभराव से काफी परेशानी होती थी। कई बार इस बारे में शिकायतें भी आई थीं। अब इस नई व्यवस्था से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और पानी जमा होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि 2014 से पहले प्रदेश में रही सरकारों ने इस समस्या के समाधान पर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। इस समस्या के निपटारे के लिए साल 2022-23 में शुरू हुए पानी निकासी के प्रोजेक्ट पर करीब 23 करोड़ रुपए की लागत आई है। गुरुनानक पुरा स्थित राहड़ तालाब में पानी निकासी का प्रोजेक्ट बनाया गया है। यहां से करीब साढ़े 4 किलोमीटर लंबी लाइन डाली गई है।
बरसाती पानी की लाइन टीबी हॉस्पिटल गोहाना रोड, सुखपुरा चौक, वीटा मिल्क प्लांट चौक से होते हुए जसिया ड्रेन से जोड़ी गई है। इससे सैनीपुरा, प्रेम नगर चौक, गोहाना अड्डा, महावीर कॉलोनी, गुरुनानक पुरा सहित अन्य इलाकों को फायदा होगा। करीब 2 साल में बनकर तैयार हुए इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया गया है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन सीवरेज संजीव कुमार ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी का प्रोजेक्ट जनता को समर्पित किया गया है। इस पर करीब 23 करोड़ रुपए की लागत आई है और कई कॉलोनियों के लोगों को फायदा मिलेगा। यह पुरानी समस्या थी, जिसका मौजूदा राज्य सरकार ने समाधान किया है।

