रोहतक, 20 सितंबर । कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने गांव ईस्माइला में सीमा सुरक्षा बल के शहीद इंस्पेक्टर जगमहेंद्र कौशिक की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जगमहेंद्र कौशिक ने करीब चार दशक तक सीमा सुरक्षा बल में रहते हुए देश की सेवा की। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

प्रतिमा अनावरण के दौरान सीमा सुरक्षा बल की 48 वाहिनी के कमांडेंट सुरेश कुमार, डिप्टी कमांडेंट रामबीर सांगवान, आरक्षक हरिओम जांगड़ा सहित बीएसएफ के अधिकारी-जवान, शहीद के परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 3 जनवरी 1967 को जन्मे जगमहेंद्र कौशिक 7 नवंबर 1986 को सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। अपनी लंबी सेवा के दौरान उन्हें तीन बार ऑल इंडिया पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने बीएसएफ में कोच के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाई और जवानों को प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने बताया कि जम्मू में कंपनी कमांडर के पद पर तैनाती के दौरान जगमहेंद्र कौशिक ने सर्च अभियान में दो बार पाकिस्तान की ओर से बनाई गई सुरंगों का पता लगाया था। इस महत्वपूर्ण कार्य और बहादुरी के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया। 15 फरवरी 2024 को श्रीगंगानगर में ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। जब देशवासी अपने घरों में सुरक्षित रहते हैं, उस समय जवान सर्दी, गर्मी और बारिश की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। हरियाणा के गांवों से बड़ी संख्या में युवा सेना और अर्धसैनिक बलों में जाकर देश की सेवा कर रहे हैं।

डॉ. अरविंद शर्मा ने गांव के युवाओं का आह्वान किया कि वे शहीद जगमहेंद्र कौशिक के जीवन से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि शहीद की प्रतिमा के सामने श्रद्धा से सिर झुकाने के साथ उनके अनुशासन, मेहनत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि शहीद का बलिदान केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पूरे समाज और देश की धरोहर बन जाता है। जगमहेंद्र कौशिक ने अपने जीवन की अंतिम घड़ी तक वर्दी और कर्तव्य का मान रखा। गांव ईस्माइला में स्थापित उनकी प्रतिमा उनकी वीरता और देशसेवा की याद को जीवंत बनाए रखेगी।

डॉ. अरविंद शर्मा ने शहीद के परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा की पहचान वीरता और राष्ट्रभक्ति से रही है। प्रदेश के वीरों ने समय-समय पर देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं। नई पीढ़ी को ऐसे वीरों के जीवन और उनके योगदान से परिचित कराना समाज की जिम्मेदारी है।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!