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रोहतक में हुई रोडवेज यूनियन की राज्यस्तरीय बैठक:मांगों को लेकर सीएम से मिलने का लिया फैसला, कहा- बातचीत से करें समाधान

रोहतक में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन से सम्बन्धित सर्व कर्मचारी संघ की राज्य स्तरीय मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रधान नरेंद्र दिनोद और संचालन महासचिव सुमेर सिवाच ने किया। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के महासचिव आर लक्षमैया और उपाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय नेताओं ने पूरे देश के ट्रांसपोर्ट मजदूरों के हालात पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार ट्रांसपोर्ट के मजदूरों के नेताओं को बुलाकर बातचीत करें। अन्यथा ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट फेडरेशन 9 जनवरी को विजयवाड़ा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। मार्च में दिल्ली संसद चलो का अभियान चलाया जाएगा।

यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद और महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों एवं निजीकरण नहीं करने बारे सरकार अपनी नीति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा लिपिक, चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों के वेतनमान संशोधन करने, कौशल रोजगार निगम भंग कर सभी कर्मचारियों को पक्का करने, विभाग में खाली पदों पर पक्की भर्ती खाली पदों पर प्रमोशन करने, अर्जित अवकाश में कटौती को रोक कर दोबारा पुरानी छुट्टी लागू की जाए।

पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, जोखिम भत्ता देने, तकनीकी कर्मियों को तकनीकी वेतनमान देने, बकाया बोनस देने और सभी सरकारी बसों के चेसिस पर बॉडी बनवाने का काम एचआरसी गुड़गांव में करवाया जाए। सभी मानी गई मांगों को लागू करने बारे सरकार को नया मांग पत्र बनाकर सरकार को भेजा गया है। यूनियन सदस्यता अभियान 31 दिसंबर तक चलाने का निर्णय लिया गया।

राज्य प्रधान ने कहा नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से रोडवेज कर्मचारी उम्मीद करते हैं कि कर्मचारी और जनता विरोधी नीतियों को वापस कर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन से बातचीत के माध्यम से सभी मांगों का निपटारा करने का काम करेगी। जनता और कर्मचारियों की मांग के विपरित सरकार 362 रूटों पर 3658 प्राइवेट बसों को रुट परमिट देकर विभाग को बर्बाद करने नीति को वापस करें।

कर्मचारी और ग्राम पंचायतें एवं छात्र-छात्राओं द्वारा ग्रामीण एरिया में सरकारी बसें चलाने की मांग की जा रही है। प्राइवेट रुट परमिट देने की बजाय बढ़ती आबादी अनुसार विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल की जाएं। ताकि जनता को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के अलावा 60 हजार बेरोजगारों को स्थाई रोजगार मिल सके। जल्द ही राज्य कार्यकारिणी बैठक बुलाकर आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

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