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होटल में 133 दिन गर्लफ्रेंड संग बिताए…फर्जी यूपीआई से 6.17 लाख की ठगी कर फरार

गुरुग्राम में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए लग्जरी सर्विस अपार्टमेंट किराए पर लेने वाले एक एमसीए पास युवक ने फर्जी यूपीआई ऐप के जरिए 6.17 लाख रुपये की ठगी कर डाली। सेक्टर-53 थाना पुलिस ने होटल प्रबंधन की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी की पहचान सोहना निवासी 26 वर्षीय हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह डीएलएफ फेज-5 स्थित लाइम ट्री होटल्स सर्विस अपार्टमेंट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ ठहरा हुआ था और भुगतान के नाम पर फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाता रहा।

पांच महीने तक ठहरा, पेमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा

होटल निदेशक तपेश कुमार के मुताबिक, हिमांशु 4 से 7 अक्टूबर 2025 और फिर 15 अक्टूबर 2025 से 24 फरवरी 2026 तक अपार्टमेंट में रुका रहा। इस दौरान उसने सात बार में कुल 6.17 लाख रुपये की फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाई।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यूट्यूब से सीखकर अपने मोबाइल में फर्जी फोनपे ऐप डाउनलोड किया था। इस ऐप में केवल क्यूआर कोड स्कैनर काम करता था और पेमेंट सफल होने का नकली स्क्रीनशॉट तैयार हो जाता था। स्क्रीनशॉट में फर्जी यूटीआर नंबर, ट्रांजेक्शन आईडी और समय दर्ज होता था, जिससे असली भुगतान जैसा भ्रम पैदा होता था।

व्हाट्सएप पर भेजता था फर्जी स्क्रीनशॉट

आरोपी होटल मैनेजर को व्हाट्सएप के जरिए पेमेंट सफल होने का स्क्रीनशॉट भेज देता था। यहां तक कि बैंक से लिंक नंबर पर फर्जी मैसेज भी दिखाता था, जिससे स्टाफ को शक नहीं हुआ। जबकि होटल के बैंक खाते या पाइन लैब एग्रीगेटर में कोई राशि जमा नहीं हुई।

जब होटल के अकाउंट में पैसा नहीं पहुंचा तो मामला उजागर हुआ। कॉल करने पर भी आरोपी फर्जी बैंक मैसेज भेजकर टालमटोल करता रहा।

साइबर सेल की मदद से गिरफ्तारी

जांच में आरोपी द्वारा दिया गया पता फर्जी निकला। पुलिस ने होटल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप नंबर और डिजिटल ट्रेल के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। साइबर क्राइम सेल ने फर्जी यूटीआर नंबर और ऐप डेटा की जांच की, जिसमें उसके मोबाइल में फेक फोनपे ऐप मिला।

25 फरवरी 2026 को पुलिस ने डीएलएफ फेज-5, गुरुग्राम से हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद हुआ। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी तरह की ठगी अन्य जगहों पर भी तो नहीं की।

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