करनाल के नूर महल में हरियाणा प्रगतिशील MSME पॉलिसी के विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, युवाओं, रोजगार और निवेश को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।
कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। सरकार का दायित्व है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था न बिगड़े और हर नागरिक का कानून-व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।
युवाओं से बोले- गलत रास्ता मत चुनो
सीएम सैनी ने युवाओं से मेहनत के दम पर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं के सामने आगे बढ़ने के कई अवसर हैं। ऐसे में युवाओं को गलत रास्ते और नशे की दलदल से दूर रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रदेश में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। युवाओं को नशे की ओर धकेलने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
हरियाणा के खिलाड़ियों ने बनाई अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश और दुनिया में हरियाणा की अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने युवाओं से खिलाड़ियों की तरह मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
MSME पॉलिसी से निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने हरियाणा प्रगतिशील MSME पॉलिसी का विमोचन करते हुए कहा कि पॉलिसी तैयार करते समय MSME सेक्टर की जरूरतों और मांगों को ध्यान में रखा गया है।
सरकार को उम्मीद है कि नई पॉलिसी से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में हरियाणा एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका निभाएगा।
ITI में उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार होंगे युवा
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने इससे पहले औद्योगिक पॉलिसी भी लॉन्च की थी। बड़े उद्योगों और ITI के बीच समझौते किए गए हैं, ताकि उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सके।
उद्योगों को जिस तरह के प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होगी, ITI में उसी के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड बनाया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा में आना चाहती हैं बड़ी मंडियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली और अमृतसर जैसी जगहों की बड़ी होलसेल मार्केट और व्यापारिक संस्थाएं भी हरियाणा में जगह बनाने में रुचि दिखा रही हैं। कुछ संस्थानों को जगह उपलब्ध कराई गई है, जबकि अन्य के लिए भी स्थान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
‘मेड इन हरियाणा’ की बनेगी अलग पहचान
मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और वन ब्लॉक वन प्रोडक्ट की तर्ज पर हरियाणा के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया।
उन्होंने पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि पानीपत में तैयार होने वाला कपड़ा दुनिया के हर घर की शोभा बने, सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। सरकार हरियाणा के उत्पादों को ‘मेड इन हरियाणा’ और ‘मेड इन इंडिया’ के तौर पर मजबूत ब्रांड पहचान दिलाना चाहती है।
12 साल में करीब 10 हजार स्टार्टअप का दावा
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रदेश में करीब 10 हजार स्टार्टअप खड़े हुए हैं। नई MSME पॉलिसी का लाभ स्टार्टअप्स को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसी छोटे से आइडिया से शुरू हुआ स्टार्टअप आगे चलकर बड़ा कारोबार बन सकता है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपने आइडिया और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलें।

