Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

सोनीपत: तांत्रिक गतिविधियों की शिकायत के बाद महिला के घर पर हमला, पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप

सोनीपत जिले के गांव ठरू में अंधविश्वास और कथित तांत्रिक गतिविधियों के खिलाफ एक गांव की एक महिला ने पुलिस को फोन करके सूचना दी थी। जिसके चलते आरोपी पक्ष ने उनके घर पर हमला कर दिया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

इतना ही नहीं, महिला का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में एक आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे थप्पड़ भी मारा। शिकायत की जांच के बाद सदर थाना सोनीपत पुलिस ने विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गांव ठरू की रहने वाली संतोष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव में रहने वाला सुरेश उर्फ बाबा सूर्यदेव लंबे समय से तांत्रिक क्रियाएं करता है। उसके खिलाफ पहले भी सदर थाना सोनीपत में एफआईआर नंबर-83 दर्ज है, जिसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

संतोष का आरोप है कि 23 मई 2026 की रात करीब 9 बजे आरोपी गांव में जीव हत्या कर अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां कर रहा था। इसकी सूचना उन्होंने डायल-112 पुलिस को दी थी।

महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस को सूचना देने से नाराज होकर सुरेश उर्फ बाबा सूर्यदेव, गुरमीत, प्रदीप, सोनू, हनी और रामचंद्र उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने घर के बाहर आकर गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। महिला का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से उनका परिवार भयभीत है और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता बनी हुई है।

शिकायत में संतोष ने आरोप लगाया कि डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची हुई थी। इसी दौरान आरोपी सोनू कालूपुरिया ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए थप्पड़ मार दिया। महिला के अनुसार आरोपी ने कहा कि वह जाट समुदाय से है और उसे किसी का डर नहीं है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में पुलिस कर्मियों और गांव के लोगों को प्रत्यक्षदर्शी गवाह बताया है।

महिला ने पुलिस उपायुक्त को दी शिकायत में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही गांव में चल रही कथित तांत्रिक और अंधविश्वास फैलाने वाली गतिविधियों को हमेशा के लिए बंद करवाने की भी अपील की। शिकायत में उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष से उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 26 मई 2026 को डीसीपी वेस्ट कार्यालय सोनीपत में दी गई शिकायत और अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र की प्रति सदर थाना सोनीपत को प्राप्त हुई थी। मामले की प्रारंभिक जांच थाना सदर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक उमेश कुमार के निर्देशन में की गई।

जांच के दौरान शिकायत में लगाए आरोपों के आधार पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध बनना पाया गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना सोनीपत में पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(R), 3(1)(S) और 3(2)(VA) के तहत दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की स्पेशल रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और क्षेत्राधिकार मजिस्ट्रेट को भेज दी है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मामले की गंभीरता और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं शामिल होने के कारण जांच सक्षम अधिकारी को सौंपने की सिफारिश की गई। इसके बाद मुकदमे की जांच एसीपी सिटी-1 सोनीपत अमित धनखड़ को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सत्यता के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Exit mobile version