चंडीगढ़ से हरिद्वार कांवड़ लेने गए 4 दोस्तों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई। चारों गंगाजल भरकर वापस चंडीगढ़ लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गंगनहर में स्नान करने के लिए रुके। नहाते समय एक युवक तेज बहाव और नहर की दलदली मिट्टी में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीनों साथी भी पानी में कूद गए, लेकिन तेज बहाव की चपेट में आकर चारों की दर्दनाक मौत हो गई।
चंडीगढ़ के सेक्टर-30 निवासी नीतिश की मां को सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि उन्होंने बेटे को कांवड़ यात्रा पर जाने की अनुमति क्यों दी। परिजनों के अनुसार, नीतिश ने भोलेनाथ की कसम देकर भरोसा दिलाया था कि वह न तो गंगनहर में स्नान करेगा और न ही किसी तरह का जोखिम उठाएगा।
सोमवार (3 अगस्त) को होने वाले जलाभिषेक की तैयारियां भी इस हादसे के बाद अधूरी रह गईं। शिव मंदिर में भव्य आयोजन की तैयारियां चल रही थीं। परिवारों ने मंदिर के बाहर टेंट लगवाए थे और जलाभिषेक के लिए ढोल-नगाड़ों की भी बुकिंग कर रखी थी।
हादसे की सूचना मिलते ही खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। परिजन जो भी वाहन मिला, उसी से हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। आज चारों युवकों के शव चंडीगढ़ लाए जाएंगे। मृतकों की पहचान सेक्टर-30 निवासी शिवांशु, नीतिश और भरत तथा सेक्टर-29 निवासी रोहित के रूप में हुई है।
इलाके की पार्षद तरूणा मेहता ने बताया कि वह 31 जुलाई को नगर निगम की हाउस मीटिंग में थीं। दोपहर करीब दो बजे चार युवकों के डूबने की सूचना मिली तो वह तुरंत मीटिंग छोड़कर सेक्टर-30 पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मृतक सभी गरीब परिवारों से हैं और उनके घर बड़ी मुश्किल से चलते हैं। प्रशासन मदद करे या न करे, वह निजी तौर पर इन परिवारों के साथ खड़ी रहेंगी।
