गुरुग्राम। हरियाणा भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर VIP संस्कृति और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का मुद्दा चर्चा में है। प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में पंचकूला में हुई बैठक के दौरान भाजपा जिलाध्यक्षों की सुरक्षा का मामला उठा। खबर के मुताबिक, इसके बाद गुरुग्राम समेत प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया गया।
इस मामले में गुरुग्राम भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की तस्वीरें केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचने की बात सामने आई है। इन तस्वीरों में उनके पीछे पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात दिखाई दे रहे थे। शिकायत में उनकी सुरक्षा में चार पुलिसकर्मी होने का दावा किया गया था। बैठक में स्मृति ईरानी ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के सेवक को अपने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच जाने के लिए इतनी सुरक्षा की क्या जरूरत है।
सर्वप्रिय त्यागी ने दी सफाई
सुरक्षा हटाए जाने के बाद सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि उनकी सुरक्षा में चार नहीं, बल्कि केवल दो पुलिसकर्मी तैनात थे। उनके अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी एक साथ नहीं रहते थे और एक के छुट्टी पर होने पर दूसरा ड्यूटी करता था।
त्यागी ने बताया कि भाजपा कार्यालय ‘गुरुकमल’ हाईवे के पास स्थित है। उनके मुताबिक, पहले पार्टी कार्यालयों पर हमलों की घटनाओं के बाद कई जगह सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे। कार्यालय के आसपास रात में असामाजिक गतिविधियों की आशंका के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी।
कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भी नाराजगी
बैठक में संगठन के भीतर जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के बीच तालमेल की कमी का मुद्दा भी उठा। रिपोर्ट के अनुसार, स्मृति ईरानी ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उचित महत्व और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने संगठन में अनुशासन बनाए रखने और गुटबाजी से बचने पर जोर दिया।
तीन महीने में बूथ समितियों के पुनर्गठन का लक्ष्य
हरियाणा भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए अगले तीन महीने में प्रत्येक बूथ पर 11 सदस्यीय समिति के गठन और पुनर्गठन का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति और वरिष्ठ पदाधिकारियों के जिलों में प्रवास की योजना भी बनाई गई है, ताकि पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बढ़ाया जा सके।
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और प्रत्येक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी देने पर भी जोर दिया गया।
