हरियाणा में 42 दिन पहले लापता हुए युवक का शव जींद-रोहतक की सीमा के पास झाड़ियों में मिला है। ये वही लापता युवक है जिसके मामले का अपडेट लेने के लिए जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने एसएचओ को कॉल कर दिया था और बाद में उन पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया था।
42 दिन गुजर जाने के कारण शव कंकाल में बदल चुका है। इसके पास ही मृतक का बैग और कपड़े रखे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। उस पर पहले से हत्या का केस चल रहा है और जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का कहना है कि एक महिला को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था। मृतक के शव के कंकाल को पोस्टमॉर्टम के लिए पीजीआई भेजा गया है।
जुलाना क्षेत्र के करेला गांव निवासी 25 वर्षीय सुमित 14 अगस्त की रात घर से निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। इसके बाद सुमित की पत्नी मुकेश ने जुलाना थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। जब एक सप्ताह तक भी सुमित का कोई सुराग नहीं लगा तो मुकेश विधायक विनेश फोगाट के पास शिकायत लेकर पहुंची।
पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की। तक सोनू के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली तो रोहतक के समर गोपालपुर गांव निवासी मोनू की इसमें संलिप्तता मिली। पुलिस ने मोनू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद मोनू ने सुमित की हत्या की बात स्वीकार कर ली। गला दबाकर हत्या की है।
पुलिस ने गुरुवार को मोनू को हिरासत में लिया था। मोनू ने बताया कि सुमित को मारकर समर गोपालपुर फैक्ट्री के पीछे झाड़ियों में फेंका है। इसके बाद पुलिस ने कंकाल रूपी सुमित के शव को झाड़ियों से बरामद किया।
42 दिन गुजर जाने के कारण शव कंकाल में बदल चुका है। इसके पास ही मृतक का बैग और कपड़े रखे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
महिला से मिलने रोहतक PGI गया था सुमित पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सुमित समर गोपालपुर में एक फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री में एक महिला भी काम करती थी। महिला ने 14 अगस्त को सुमित को रोहतक पीजीआई में बुलाया था। सुमित के वहां पहुंचने के बाद आरोपी मोनू भी पहुंच गया। सुमित और मोनू के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
इसके बाद वापस आने पर मोनू फैक्ट्री के पीछे जाकर शराब पीने लगा। वहां सुमित भी पहुंच गया। दोनों के बीच फिर से झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर मोनू ने सुमित की गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी मोनू पर इससे पहले भी एक हत्या का केस दर्ज है। वह आठ साल बाद जेल से जमानत पर बाहर आया हुआ है।
विनेश फोगाट ने महिला की शिकायत को लेकर जुलाना थाना प्रभारी रविंद्र से स्टेट्स जानना चाहा था। इसके बाद विधायक ने एसएचओ पर बदतमीजी से बोलने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एसएचओ तू तड़ाक से बात करता है। दिन में भी शराब पीता है।
जुलाना थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने अपनी सफाई में कहा था कि मेरे पास पहली बार विधायक का फोन आया था। तो पूछने में क्या बुराई है कि आप कौन बोल रहे हो? उन्हें केस के बारे में अपडेट कर दिया था। शराब पीने के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं।

