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सिंगर सोनू निगम की गर्दन की नसें दबीं:MRI, CT स्कैन हुआ, पेन किलर्स से गला भारी, बोले- भुगत रहा हूं, कॉन्फिडेंस कम हुआ

मशहूर बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे हैं। अपनी सुरीली आवाज और शानदार गायकी के लिए पहचाने जाने वाले सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उनकी गर्दन की नसें दब गई हैं, जिसके कारण उन्हें लगातार दर्द और असहजता का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के चलते उन्हें मेडिकल जांच से गुजरना पड़ा और फिलहाल वे दवाइयों तथा फिजियोथैरेपी की मदद से स्वास्थ्य लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट को निभाते हुए मंच पर वापसी की और परफॉर्मेंस भी दी।सोनू निगम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह गर्दन पर पट्टियां लगाए नजर आए। वीडियो में उन्होंने अपनी स्थिति के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वह इस समस्या से जूझ रहे हैं और लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सिंगर ने कहा कि उनकी MRI और सिटी स्कैन जैसी जांचें कराई गई हैं, जबकि दवाइयों और फिजियोथैरेपी का सिलसिला भी जारी है। उन्होंने माना कि यह पूरा इलाज काफी थकाने वाला है और शारीरिक रूप से भी उन्हें प्रभावित कर रहा है।

सोनू निगम ने बताया कि दर्द कम करने के लिए उन्हें पेनकिलर्स लेने पड़ रहे हैं। इन दवाइयों का असर उनकी आवाज पर भी पड़ रहा है। उनके मुताबिक दवाओं के कारण गला थोड़ा भारी हो गया है, जिससे गायन में कठिनाई महसूस हो रही है। एक गायक के लिए उसकी आवाज सबसे बड़ी पूंजी होती है और ऐसे में आवाज पर असर पड़ना स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय माना जा रहा है। वीडियो में सोनू ने यह भी स्वीकार किया कि लंबे समय बाद मंच पर लौटने के कारण उनका आत्मविश्वास पहले जैसा नहीं था। उन्होंने कहा कि लगभग एक महीने से ज्यादा समय बाद वह परफॉर्म करने जा रहे थे और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण मानसिक रूप से भी दबाव महसूस कर रहे थे। हालांकि उन्होंने भगवान से शक्ति देने की प्रार्थना की और कहा कि मंच पर पहुंचने के बाद वही उन्हें संभालेंगे। सोनू निगम की यह पोस्ट सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और संगीत जगत से जुड़े लोगों ने चिंता व्यक्त की। कई प्रसिद्ध गायकों और कलाकारों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। गायिका कविता सेठ, रूपकुमार राठौड़ और अलीशा चिनॉय समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं भेजीं। फैंस भी लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर संदेश साझा कर रहे हैं और जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।

सोनू निगम का संगीत सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है। उनके पिता अगम कुमार निगम भी गायक रहे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण वह शादियों और छोटे-बड़े कार्यक्रमों में गाना गाया करते थे। इसी माहौल में सोनू का बचपन बीता और संगीत से उनका जुड़ाव बेहद कम उम्र में ही हो गया था। बताया जाता है कि जब सोनू महज चार साल के थे, तब उन्होंने पहली बार मंच पर अपने पिता के साथ गाना गाया था। उन्होंने मोहम्मद रफी का लोकप्रिय गीत ‘क्या हुआ तेरा वादा’ प्रस्तुत किया था। उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए थे। यहीं से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई और परिवार को एहसास हो गया कि बेटे के भीतर असाधारण प्रतिभा मौजूद है। संगीत की शुरुआती शिक्षा उन्हें अपने पिता से मिली। इसके बाद उन्होंने मेलों, पारिवारिक आयोजनों और विभिन्न कार्यक्रमों में लगातार गायन किया। दिल्ली में पहचान मिलने के बाद उन्होंने बड़े सपनों के साथ मुंबई का रुख किया। हालांकि मुंबई में शुरुआती दौर आसान नहीं था। कई संगीतकारों और प्रोडक्शन हाउस के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें तुरंत सफलता नहीं मिली। लगभग चार वर्षों तक उन्हें संघर्ष करना पड़ा।

मुंबई में संघर्ष के दिनों में सोनू निगम स्टेज कार्यक्रमों में मोहम्मद रफी के गीत गाकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार से हुई। यह मुलाकात उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उन्हें ‘रफी की यादें’ एल्बम में गाने का मौका मिला और धीरे-धीरे संगीत जगत में उनकी पहचान बनने लगी। साल 1995 में फिल्म ‘बेवफा सनम’ का गीत ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ सुपरहिट हुआ और सोनू निगम रातोंरात चर्चित हो गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘संदेशे आते हैं’, ‘ये दिल दीवाना’, ‘सूरज हुआ मद्धम’, ‘कल हो ना हो’ और ‘अभी मुझमें कहीं’ जैसे अनगिनत गीतों ने उन्हें भारतीय संगीत उद्योग के सबसे बड़े गायकों में शामिल कर दिया। आज सोनू निगम भारतीय संगीत जगत के उन चुनिंदा कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने हिंदी के अलावा कई भारतीय भाषाओं में भी हजारों गीत गाए हैं। बताया जाता है कि वह 32 भाषाओं में छह हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड कर चुके हैं। उनकी लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनियाभर में फैले भारतीय समुदाय के बीच भी उनका बड़ा प्रशंसक वर्ग मौजूद है।

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