Rohtak: पितरों की सदगति के लिए भागवत महापुराण के 18000 श्लोकाें का 108 ब्राह्मण सस्वर पाठ करेंगे। साथ ही भागवत कथा भी होगी। श्री ब्रह्मवेदामृत आश्रम गांधीनगर की तरफ से ओल्ड आईटीआई ग्राउंड में 16 सितंबर से 22 सितंबर के बीच भागवत महापुराण का विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है। यह जानकारी महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी महाराज ने रविवार की दोपहर 12:30 बजे श्री ब्रह्मवेदामृत आश्रम गांधीनगर में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
शास्त्रों में कहा गया है कि-अतृप्ता: पितरं रुधिरं पिबंतु अर्था जिस परिवार के पितर गण अतृप्त रहते हैं। असंतुष्ट रहते हैं, वे अपने बंशजों का रक्त पीते हैं। ऐसे में उनके घर में सुख-शांति और मंगल कार्यों में विघ्न पैदा होते रहते हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अवसर निकालकर अपने पितरों की प्रसन्नता के लिए निश्चित तौर पर श्राद्ध पक्ष में भागवत महा पुराण का कम से कम मूल पाठ करवाकर अपने पितरों को संतुष्ट करना चाहिए। क्योंकि धन्यं भागवती वार्ता प्रेत पीड़ा विनाशिनी।
सर्व पितृ की सद्गति के लिए ही 108 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा भागवत जी का मूल पारायण संस्कृत में 16 सितंबर से 22 सितंबर प्रातः 9 से दोपहर 12 बजे तक पाठ एवं शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का विधान निश्चित किया गया है। श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज श्रीमद्भागवत कथा का उद्घाटन करेंगे।
