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ASI संजीव कुमार के मर्डर से सदमे में उनकी मां का निधन, पिता और भाई की पहले हो चुकी है मौत 

करनाल में ASI बेटे की हत्या का सदमा मां सहन नहीं कर सकी। बेटे की हत्या के एक सप्ताह के भीतर ही उनकी मां कमला देवी ने भी दम तोड़ दिया। मां को हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। तीन साल पहले छोटे बेटे की मौत के सदमे में पिता चल बसे थे। अब बड़े बेटे की मौत से आहत मां भी चल बसी। अब परिवार में मृतक की पत्नी व बच्चे रह गए हैं।

उधर, ASI संजीव की हत्या करने वाले आरोपियों ने रिमांड के दौरान बड़े खुलासे किए हैं। आरोपी जीजा राजेश अपनी पत्नी यानी संजीव की बहन को भी पीटता था। इसकी शिकायत वह भाई से करती थी तो वह धमकी देता था। आरोपियों ने बताया कि राजेश इतना नाराज था कि उसने कहा था कि काम हो जाना चाहिए। पैसे की चिंता मत करना। 5-7 लाख और दे दूंगा।

STF इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि प्रॉपर्टी और घरेलू कलह को लेकर हत्या की बात सामने आ रही है। राजेश की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगा कि राजेश ने कौन सी प्रॉपर्टी के लिए रंजिश पाले हुआ था।

पूरा मामला..

2 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे करनाल में कुटेल-ऊंचा समाना रोड पर टहलने गए क्राइम ब्रांच के ASI संजीव की बाइक सवार दो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। परिजनों के मुताबिक एक गोली उनके सिर में लगी, जो आर-पार हो गई, दूसरी गोली कमर में लगी। गंभीर रूप से घायल संजीव को करनाल के अमृतधारा में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद घरौंडा DSP मनोज कुमार और करनाल DSP सोनू नरवाल मौके पर पहुंचे। साथ ही FSL टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से दो जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया था।

3 जुलाई को पुलिस ने कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के बोर्ड से ही ASI का पोस्टमॉर्टम करवाया था। 4 जुलाई को मृतक के बेटे योगेश ने कनाडा से लौटकर पिता का अंतिम संस्कार किया था। मृतक की एक बेटी भी है, जो 11वीं में पढ़ती है। 4 जुलाई की रात को पुलिस ने संजीव की मौत की गुत्थी को सुलझा लिया था। STF के ASI रणधीर सिंह के मुताबिक, पुलिस ने यूपी के आजमगढ़ से संजीव हत्याकांड के तीन आरोपियों मोहित, तुषार व खितेंद्र को गिरफ्तार किया। तीनों ही अलीगढ़ के रहने वाले हैं। मृतक के जीजा का हत्याकांड में हाथ था। जिसने ये शूटर हायर किए थे और सुपारी दी थी।

बता दें कि तीनों आरोपियों को जब यूपी से गिरफ्तार करके लाया जा रहा था उस दौरान सेक्टर 7 में पेशाब के बहाने एक आरोपी मोहित ने भागने की कोशिश की थी। हवाई फायर भी किया गया था, लेकिन आरोपी नहीं रूका तो टांग पर गोली मारी गई। जिससे वह घायल हो गया था।इन सभी को अगले दिन ही अदालत में पेश कर 6 दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड खत्म होने के बाद इन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है।

मृतक के चचेरे भाई राजा ने बताया कि संजीव की माता 62 वर्षीय कमला देवी ने बेटे की हत्या के बाद कई दिन तक कुछ भी नहीं खाया-पिया था। जिससे उनकी तबीयत खराब रहने लगी थी। मंगलवार यानी 9 जुलाई की शाम को उनके पेट में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें अस्पताल में लेकर पहुंचे थे, लेकिन हार्ट अटैक से संबंधित ऐसी कोई भी दिक्कत डॉक्टरों के सामने नहीं आई थी। उनको वापस घर लेकर आ गए थे, लेकिन रात को दो बजे उनको हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।

तीन साल पहले मृतक संजीव के छोटे भाई लाभ सिंह की घरौंडा लिबर्टी के सामने सड़क हादसे में मौत हो गई थी। लाभ सिंह की मौत के सदमे में पिता प्रेम सिंह की भी मौत हो गई थी। आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाने में अलीगढ़ के रहने वाले किसी राहुल का नाम सामने आया है, जो बेंगलुरु रहता है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं।एसटीएफ करनाल यूनिट के इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ने बताया कि कनाडा में रहने वाले आरोपी राजेश की गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा दिया गया है। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि आरोपी तुषार और मोहित ने करनाल के नमस्ते चौक के पास होटल में कमरे के लिए अपनी ही आईडी जमा करवाई थी। वह 29 जून को करनाल आए थे। रेकी करने के बाद दो जुलाई को हत्याकांड को अंजाम दिया।

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