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शिमला मनीषा हत्याकांड: दो शूटर हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार, हमले में इस्तेमाल पिस्तौल भी बरामद

शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दोनों पिस्तौल भी बरामद कर लिए हैं। आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22) निवासी ग्राम दुजाना, जिला झज्जर, हरियाणा और दीपक (25) निवासी सुनारिया खुर्द, तहसील एवं जिला रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद अंडरग्राउंड हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग जगह दबिश देकर धर दबोचा। दोनों आरोपियों के खिलाफ अवैध वसूली, आर्म्स एक्ट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस इस मामले को सुपारी किलिंग के एंगल से भी जोड़कर देख रही है। हालांकि आरोपियों से पूछताछ के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी।

मामला 13 जून का है, जब शाम 6:00 बजे से 6:30 के बीच मनीषा मित्तल को स्कूल गेट पर गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सफेद रंग की हरियाणा नंबर की स्विफ्ट कार का वारदात में इस्तेमाल किया और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिमाचल 10 सीरीज की फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। आरोपियों ने मुख्य मार्ग पर गाड़ी को खड़ा किया और इसके बाद स्कूल तक पहुंचे जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया। इससे पता चलता है कि शूटआउट से पहले रेकी की गई थी, इसमें मनीषा के स्कूल से बाहर निकलने समेत स्कूल जाने वाले रास्तों और हर जानकारी बारीकी से जुटाई गई।

पुलिस ने वारदात सामने आने के बाद आरोपियों की धर पकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया और शहर समेत शोघी और अन्य मार्गों से गुजरने वाले वाहनों की भी गहनता से पड़ताल की। आरोपियों ने बचने के लिए मुख्य मार्गों की बजाए संपर्क मार्गों का इस्तेमाल किया था लेकिन पुलिस ने गाड़ी की पहचान करने के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर शिमला पहुंच रही है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है। उनसे गहनता से पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि किस हत्या के पीछे कौन-कौन हैं। मामले को संपत्ति विवाद से भी जोड़ा जा रहा है। वहीं पुलिस अन्य पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।

पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी आशीष अहलावत पर इससे पहले बीएनएस की धारा (308) जबरन वसूली का मामला पुलिस स्टेशन अर्बन एस्टेट रोहतक हरियाणा में दर्ज हैं। दूसरे आरोपी दीपक पर इससे पहले चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ दो केस आर्म्स एक्ट, एक मार पिटाई और बीएनएस की धारा (308) जबरन वसूली की धाराओं में एक केस दर्ज हैं।


 हत्याकांड के तीसरे दिन मनीषा मित्तल के भाई हिमांक मित्तल ने वीडियो जारी कर कहा कि मेरे नाम बेवजह इस हत्याकांड से जोड़ा जा रहा है लेकिन मेरा इस मामले से इससे कोई लेनादेना नहीं है। उसने बताया कि पुलिस घर पर आई है और मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं। उसने दावा किया कि उसके ऊपर भी एक जून को हमला हो चुका है। इस वजह से उसके एक पैर और हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। इस वजह से वह जून में घर पर ही था। हिमांक ने कहा कि मेरा मनीषा से न कोई रिश्ता था और न ही कोई दुश्मनी थी।

मनीषा हत्याकांड के मामले में पुलिस ने 39 घंटे में दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। दोनों आरोपियों को पुलिस की टीमें शिमला लेकर आ रही हैं। पूछताछ और अन्य तथ्यों को खंगालने के बाद इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। 

मनीषा हमेशा बेटी के कमरे को बाहर से ताला लगाकर सामान लाने बाहर जाती थीं। दुकान से नूडल्स खरीदने के बाद जब मनीषा गेट नंबर-1 पर पहुंची तो अचानक दो नकाबपोश हमलावरों ने उन पर एक के बाद एक फायर किए। इससे मनीषा मौके पर गिर पड़ीं। जब मनीषा वापस नहीं आईं तो बेटी ने उनके मोबाइल पर कई बार फोन किए लेकिन कोई जवाब नहीं आया। घटना के समय गेट के दूसरी तरफ सुरक्षा कर्मी भी था, जो गेट खोलने के लिए आ रहा था। इसी दौरान मनीषा पर जानलेवा हमला हो गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश समेत अन्य विभिन्न पहलुओं को लेकर जांच की गई।

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