इंदौर से 23 अगस्त को लापता हुई 22 साल की श्रद्धा तिवारी 6 दिन बाद शुक्रवार को लौट आई है। उसके घर से जाने और लौटने तक कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह है। श्रद्धा अपने प्रेमी सार्थक से मिलने घर से निकली थी। जब वह नहीं आया तो रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में बैठ गई। ट्रेन रतलाम की ओर जा रही थी। इस दौरान उसने ट्रेन से कूदकर जान देने की कोशिश की। तभी करण योगी नाम के युवक ने उसका हाथ पकड़कर उसे ऐसा करने रोक लिया। श्रद्धा और करन के दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो मंदिर का है। जिसमें श्रद्धा साफ शब्दों में कहती नजर आ रही है कि वह अपनी इच्छा से करन के साथ आई है। अपनी मर्जी से विवाह किया है। श्रद्धा ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर किसी ने उसे या करन को परेशान किया तो वह आत्महत्या कर लेगी। उसने अपने मामा दुर्गेश तिवारी और पिता अनिल तिवारी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर करन को कुछ हुआ तो वही लोग इसके लिए जिम्मेदार होंगे। दूसरा वीडियो मंदसौर रेलवे स्टेशन का है। इसमें करन यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि वह श्रद्धा को लेकर अब जावरा जा रहा है और वहां से कार से इंदौर लौटेगा I श्रद्धा करण को पहले से जानती थी। वह करण से शादी करके उसके साथ इंदौर के एमआईजी थाने पहुंची। पुलिस दोनों पूछताछ कर रही है। वहीं श्रद्धा के पिता का कहना है कि मेरी बेटी को फंसाया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए। वहीं श्रद्धा ने अपने परिवार से जान का खतरा जताया है।
श्रद्धा के पिता के मुताबिक लड़की भागी किसी और के लिए थी, बीच में किसी और की एंट्री हुई। इस केस में कई एंगल है। अभी जांच होनी चाहिए। मेरी बेटी को फंसाया गया है। लड़की अगर 10 दिन बाद कह देती है कि उसी लड़के से शादी करना चाहती हूं तो मैं धूमधाम से शादी करूंगा।
एमआईजी टीआई सीबी सिंह के मुताबिक श्रद्धा का सार्थक गेहलोत नाम के युवक से अफेयर चल रहा था। 23 अगस्त को उसने श्रद्धा को रेलवे स्टेशन पर बुलाया था। वह घर से स्टेशन पहुंच गई, लेकिन सार्थक नहीं आया। जिसके बाद श्रद्धा गुस्से में वहां खड़ी ट्रेन में बैठकर चली गई। ये ट्रेन रतलाम जा रही थी। युवती ने रतलाम में ट्रेन से कूदने की कोशिश की तो किसी ने पीछे से हाथ पकड़ लिया। पलटकर देखा तो श्रद्धा का पूर्व परिचित करण योगी था, जो गुजराती कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन रहा है। करण ने पुलिस को बताया- श्रद्धा ट्रेन से कूदने की कोशिश कर रही थी। मैंने पूछा क्या कर रही हो, तो उसने कहा मर रही हूं। मैंने कहा ऐसा नहीं करने दूंगा। तब श्रद्धा ने कहा कि ऐसा है तो मेरे साथ शादी करो। मैं तैयार हो गया।
हम दोनों खरगोन गए। वहां से महेश्वर पहुंचे और मंदिर में शादी की। फिर मैं अपने घर पालिया गया। घरवालों ने आने से रोक दिया, तो वहां से मंदसौर चले गए। वहां से श्रद्धा ने पिता को फोन किया। ऑफिशियल रजिस्टर्ड मैरिज के लिए दस्तावेज मांगे। जिसके बाद श्रद्धा के पिता कार से उसे इंदौर लेकर आए। श्रद्धा ने घर से निकलते समय अपना मोबाइल वहीं छोड़ दिया था। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा पहले अपने घर के पास से जाती हुई दिखी थी। इसके बाद वह गली से निकलकर लोटस शोरूम के सामने से होते हुए एमआर-4 की ओर जाती नजर आई थी। इन फुटेज के आधार पर पुलिस को आशंका थी कि वह उज्जैन की ओर जा सकती है।
परिजन ने शक जाहिर किया था कि श्रद्धा एक इंजीनियर युवक सार्थक के संपर्क में थी और शायद वह उसे अपने साथ ले गया हो। इस आधार पर पुलिस ने सार्थक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पूछताछ में सार्थक ने बताया था कि पिछले 15 दिन से दोनों की कोई बातचीत नहीं हुई थी, क्योंकि परिवार की नाराजगी के चलते श्रद्धा डर गई थी।
गुजराती कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा श्रद्धा की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में परिजन ने घर के बाहर उसकी उल्टी तस्वीर टांग दी थी। यह भी घोषणा की थी कि जो व्यक्ति उसे ढूंढकर लाएगा, उसे 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
श्रद्धा के परिवार का मानना है कि घर के बाहर तस्वीर उल्टी टांगने से गुम हुआ व्यक्ति लौट आता है। इसी विश्वास के चलते परिजन ने यह कदम उठाया था। यह वही टोटका है, जिसे कुछ समय पहले राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी के पिता ने भी अपनाया था।
