हरियाणा के पानीपत जिले में नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर गलत धंधे में धकेलने का गंभीर मामला सामने आया है। मामला किला थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि मसाज सेंटर की आड़ में एक गिरोह नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनसे अनैतिक काम करवाता था।
मामले में सामने आई सबसे गंभीर बात यह है कि आरोपियों के चंगुल से बाहर आई 17 वर्षीय पीड़िता 4 माह से अधिक की गर्भवती है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बाद किला थाना पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 99, 64(1) और 144 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
अक्टूबर 2025 से लापता थी नाबालिग
परिजनों के अनुसार, 17 वर्षीय लड़की अक्टूबर 2025 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता थी। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की। पुलिस से भी मदद मांगी गई, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
बाद में परिजनों ने अपने स्तर पर मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर पता चला कि उनकी बेटी एक ऐसे नेटवर्क के संपर्क में आ गई थी, जो मसाज सेंटर की आड़ में लड़कियों से गलत काम करवाता था।
तांत्रिक विद्या का डर दिखाने का आरोप
परिजनों की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नेहा उर्फ कविता और उसका पति राजन कंसल नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे।
आरोप है कि लड़कियों को तांत्रिक विद्या का डर दिखाया जाता था। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर अपने प्रभाव में लेने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद लड़कियों को नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के पास भेजा जाता था। आरोप है कि मसाज सेंटर की आड़ में इन लड़कियों का शोषण किया जाता था।
पांच लोगों को किया गया नामजद
पीड़िता के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों को नामजद किया है। इनमें नेहा उर्फ कविता, उसका पति राजन कंसल, मोहन लाल, शैंकी कुमार और इंडी शामिल हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि नेहा और राजन कंसल लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ लाते थे। इसके बाद उन्हें नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचाया जाता था।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आया मामला
गुमशुदगी के बाद जब परिवार को पीड़िता के बारे में जानकारी मिली, तब उसकी हालत को लेकर भी गंभीर तथ्य सामने आया। परिजनों के अनुसार, नाबालिग चार महीने से अधिक की गर्भवती थी।
पीड़िता की स्थिति का पता चलने के बाद परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और मामले में कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में स्थानीय स्तर पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। DSP के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।
SHO बोले- केस दर्ज कर जांच जारी
किला थाना प्रभारी दीवान सिंह ने बताया कि लड़की की मां की शिकायत के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 99, 64(1) और 144 तथा पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और नाबालिग को किस तरह आरोपियों के संपर्क में लाया गया। पीड़िता से जुड़े मामले में पुलिस उसकी पहचान गोपनीय रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
