दिल्ली के जंतर-मंतर पर जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला का विरोध करने वाले भिवानी निवासी निरंजन कालीरमन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। निरंजन ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि INSO प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक उन्हें साइड में ले गए और गोली मरवाने की धमकी दी।
निरंजन का आरोप है कि दीपक मलिक ने उनसे कहा, “तेरे जैसे पता नहीं इन्होंने कितने निपटा दिए। ये बहुत बड़ी फिल्म है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
हालांकि, दीपक मलिक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह युवक से शांतिपूर्वक बात कर रहे थे। दीपक ने दावा किया कि युवक सिर्फ प्रसिद्धि पाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
24 जुलाई को दिग्विजय चौटाला स्टूडेंट प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। इसी दौरान निरंजन कालीरमन ने उनसे कहा था, “अगर आप हरियाणा में बगावत करते तो आज ये हालात नहीं होते।” इसके बाद दीपक मलिक उन्हें अलग ले जाकर बात करते दिखाई दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
निरंजन ने और क्या कहा?
निरंजन का कहना है कि उन्होंने दिग्विजय चौटाला से युवाओं और छात्र आंदोलन को लेकर सवाल पूछे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका दावा है कि यह सवाल सिर्फ उनका नहीं, बल्कि हरियाणा के युवाओं का था।
उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए भी JJP नेताओं पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पार्टी ने किसानों का साथ नहीं दिया, जबकि अब छात्र आंदोलन में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।
दिग्विजय चौटाला का पक्ष
दिग्विजय चौटाला ने पहले इस मामले पर कहा था कि संबंधित युवक उन्हें उकसाने की कोशिश कर रहा था। उनके अनुसार, जिस मुद्दे पर युवक बात करना चाहता था, उसका छात्र आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो को INLD समर्थकों द्वारा ज्यादा साझा किया जा रहा है, लेकिन इससे उनकी पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
नोट: निरंजन कालीरमन द्वारा लगाए गए धमकी के आरोप हैं। इन आरोपों से INSO प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने इनकार किया है और कानूनी कार्रवाई की बात कही है। मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

