रोहतक में राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से पूरी व्यवस्था की गई। जिले में 17 एग्जाम सेंटरों पर करीब 5304 परीक्षार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें सेंटरों तक पहुंचाने के लिए सिटी बसों का प्रबंध रहा।
नीट की कठिन परीक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 को लागू किया गया। दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ एकत्रित होने व कोचिंग सेंटरों के खोलने पर प्रतिबंद रहा। नियमों की उल्लंघना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की गई।
परीक्षा केंद्रों के अंदर व बाहर दोपहर 2 बजे पेपर शुरू होने से पहले ही जैमर को एक्टिव कर दिया गया। परीक्षा केंद्रों के अंदर किसी प्रकार का इंटरनेट काम नहीं कर रहा था। पेपर खत्म होने के बाद ही जैमर हटाए जाएंगे। वहीं, परीक्षा केंद्रों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए, जिनसे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई।
नीट परीक्षा के दौरान 3 जगह परीक्षार्थियों की जांच की गई। पहले गेट पर आधार कार्ड देखा गया, दूसरे गेट पर जेब से सारा सामान निकलवाया गया। वहीं, तीसरे गेट पर वीडियोग्राफी के साथ पूरी जांच की गई, जिसके बाद बायोमेट्रिक मशीन से हाजरी लगाई गई
जिन अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक का मिलान नहीं हुआ, उनसे अंडरटेकिंग लेकर परीक्षा में बैठने दिया गया। हालांकि ऐसे युवाओं की संख्या कम ही रही। परीक्षा के दौरान सभी की वीडियोग्राफी करवाई गई। साथ ही मुन्नाभाईयों को पकड़ने के लिए पूरा प्रबंध किया गया।
डीसी सचिन गुप्ता ने कहा कि नीट परीक्षा के लिए सेंटर पूरी तरह तैयार है। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसके लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित हो चुके है। साथ ही जैमर व बायोमेट्रिक की मशीनें भी पहुंचा दी गई है। नीट परीक्षा को निष्पक्ष तरीके से पूरा करवाया जाएगा, जिसके लिए पूरा प्रशासन लगा हुआ है।
