हरियाणा सरकार अब स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोलने की तैयारी में है। पहली दिसंबर से सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूलों में आना होगा, पहली से ऑफलाइन ही पढ़ाई होगी। ऑनलाइन पढ़ाई इस माह (नवंबर तक) ही चलेगी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने विभाग के अधिकारियों को तैयारियां करने के आदेश दिए हैं। मंत्री के आदेशों के बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों के शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को हिदायतें जारी की हैं। 

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के केस लगातार कम हो रहे हैं। प्रदेश में अब कोरोना का एक भी हॉट-स्पॉट नहीं है। सरकार स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से पहले ही खोल चुकी है। अभी तक स्कूलों में कुल क्षमता के पचास प्रतिशत विद्यार्थियों को ही बुलाया जा रहा है। रोटेशन आधार पर पढ़ाई हो रही है। इतना ही नहीं, स्कूलों की टाइमिंग भी अभी कम है। पहली दिसंबर से स्कूलों का टाइमिंग भी बदलेगा और पूरी क्षमता के साथ स्कूल खुलेंगे। हालांकि राज्य के कई प्राइवेट स्कूल ऐसे हैं, जिनमें वर्तमान में भी सभी बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। सरकार के ये आदेश सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में लागू होंगे।

मंगलवार को चंडीगढ़ में शिक्षा मंत्री ने पहली दिसंबर से स्कूलों को पूरी क्षमता के साथ खोलने का खुलासा किया। अहम बात यह है कि पूरी क्षमता के साथ स्कूल खोलने के दौरान भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। कोरोना से जुड़ी सभी गाइड लाइन का पालन करना होगा।

वहीं मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा किसान आंदोलन को लेकर दिए जा रहे बयान पर गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा, मलिक किसानों के शहीद होने की बात करते हैं लेकिन शहादत की परिभाषा भी बतानी चाहिए। गुर्जर ने कहा, सत्यपाल मलिक नाखून कटा कर शहीद होना चाहते हैं। चूंकि उनका कार्यकाल बहुत कम बचा है और वे अब भाजपा के लिहाज से राजनीति में उम्र की दृष्टि से रिटायर हो गए। अब वह कहीं और अपनी राजनीति की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसलिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं।

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