हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में निजी स्कूल संचालकों ने आज सरकार द्वारा की गई छुट्टी की घोषणा होने के बावजूद भी स्कूल खोले गए। निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों को लेने के लिए बसें भी भेजी। वहीं सर्दी के इस मौसम में निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक भी परेशान हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल संचालकों को सरकार के आदेश मानने चाहिए।
सरकार द्वारा सर्दी और कोहरे के मौसम को देखते हुए 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 15 दिन के लिए बंद रखने के आदेश दिए हैं। जिसके तहत 1 जनवरी से 15 जनवरी तक सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश रहेगा।
लेकिन महेंद्रगढ़ जिले के निजी स्कूल सरकारी आदेशों को नहीं मानते। पूर्व में भी सरकारी आदेशों को नहीं मानने के कारण कनीना में छुट्टी के दिन स्कूल लगने पर बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें 8 बच्चों की मौत हो गई थी। अब धुंध और कोहरे के मौसम में इन्हीं हादसों से बचने के लिए सरकार ने 15 दिन का अवकाश किया है। लेकिन निजी स्कूल संचालक सरकार के इन आदेशों को नहीं मान रहे हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में अधिकांश निजी स्कूल खुले हुए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने कक्षा 9वी से 12वीं तक की कक्षाएं नियमित रूप से लगाई हुई हैं। जिसके चलते निजी स्कूल संचालकों ने अपने स्कूली वाहन भी बच्चों को लेने भेजे। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल संचालक सरकार के आदेशों को नहीं मानते।
वही इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें निजी स्कूल खुले होने की सूचना लगी थी। इसके बाद उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की मीटिंग बुलाई है। वही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्र में खुलने वाले निजी स्कूलों को बंद करवाएं।
